इंडिया गेट पर अंकिता भंडारी के माता-पिता का धरना, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने मुलाकात कर जताया समर्थन; CBI जांच पूरी होने तक दुष्यंत गौतम की राज्यपाल नियुक्ति रोकने की मांग
नई दिल्ली/देहरादून | 15 अक्टूबर, 2026
उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर उनके माता-पिता ने दिल्ली के इंडिया गेट पर धरना दिया। बुधवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा भी धरनास्थल पर पहुंचे और पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उनके प्रति समर्थन जताया। परिवार की प्रमुख मांग है कि कथित VIP एंगल की CBI जांच पूरी होने तक दुष्यंत कुमार गौतम की सिक्किम के राज्यपाल के रूप में नियुक्ति पर रोक लगाई जाए।
राहुल गांधी ने कहा—अंकिता के परिवार के साथ खड़ी है कांग्रेस
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा कर कहा कि वह और कांग्रेस पार्टी अंकिता के माता-पिता के दुख और न्याय की लड़ाई में उनके साथ खड़े हैं। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि प्रभावशाली लोगों को संरक्षण दिया जा रहा है।
राहुल गांधी का बयान सामने आने के बाद अंकिता भंडारी मामले को लेकर राजनीतिक बहस एक बार फिर तेज हो गई। प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी धरनास्थल पर पहुंचकर परिवार से मुलाकात की।
दुष्यंत कुमार गौतम की नियुक्ति पर परिवार को आपत्ति
अंकिता के माता-पिता ने दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने पर नाराजगी जताई है। परिवार का आरोप है कि मामले में जिस कथित VIP की भूमिका को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं, उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
अंकिता के पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से आग्रह किया है कि CBI की जांच पूरी होने तक गौतम की नियुक्ति पर रोक लगाई जाए। परिवार का कहना है कि जांच पूरी होने और सभी सवालों के जवाब सामने आने तक इस मामले को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि परिवार द्वारा लगाए गए आरोपों और अदालत में साबित हुए तथ्यों के बीच अंतर है। दुष्यंत कुमार गौतम को इस हत्याकांड में दोषी ठहराए जाने का कोई प्रमाणित न्यायिक निष्कर्ष इन रिपोर्टों में सामने नहीं आया है। इसलिए उनकी भूमिका को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही निकाला जाना चाहिए।
गणेश गोदियाल ने राहुल और प्रियंका गांधी का जताया आभार
उत्तराखंड कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने अंकिता के माता-पिता के साथ खड़े होने के लिए राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा का आभार जताया। उन्होंने कहा कि अंकिता को न्याय दिलाने की लड़ाई केवल एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरे उत्तराखंड की भावनाओं से जुड़ा विषय है।
गोदियाल ने मांग की कि मामले से जुड़े हर सवाल का जवाब सामने आए और किसी भी प्रभावशाली व्यक्ति को जांच से ऊपर न माना जाए। कांग्रेस ने इस मुद्दे पर भाजपा और सरकार की भूमिका को लेकर सवाल उठाए हैं।
हालांकि, कांग्रेस नेताओं के बयान राजनीतिक प्रतिक्रिया हैं। इन आरोपों को स्वतंत्र रूप से प्रमाणित तथ्य के तौर पर प्रस्तुत करने के बजाय संबंधित नेताओं के बयानों के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
क्या है अंकिता भंडारी हत्याकांड?
अंकिता भंडारी उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले में स्थित वनंत्रा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के रूप में काम करती थीं। सितंबर 2022 में उनकी हत्या कर दी गई थी। इस मामले में रिजॉर्ट मालिक पुलकित आर्य और दो अन्य आरोपियों को अदालत ने दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
इसके बावजूद कथित VIP की भूमिका को लेकर उठे सवालों पर अंकिता के परिवार ने लगातार चिंता जताई है। उत्तराखंड सरकार ने जनवरी 2026 में मामले की CBI जांच की सिफारिश की थी। अब दुष्यंत कुमार गौतम की राज्यपाल नियुक्ति के बाद परिवार ने जांच पूरी होने तक नियुक्ति पर रोक लगाने की मांग उठाई है।
न्याय की मांग को फिर मिली राष्ट्रीय चर्चा
इंडिया गेट पर अंकिता के माता-पिता का धरना और राहुल गांधी व प्रियंका गांधी की मुलाकात ने इस मामले को राष्ट्रीय स्तर पर फिर चर्चा में ला दिया है। परिवार की मांग है कि कथित VIP एंगल की निष्पक्ष जांच हो और उनके सवालों का जवाब दिया जाए।
अंकिता भंडारी हत्याकांड में दोषियों को सजा मिल चुकी है, लेकिन कथित VIP की भूमिका और उससे जुड़े सवालों को लेकर परिवार की मांगें अब भी चर्चा का विषय हैं। इस पूरे मामले में आगे की जांच और आधिकारिक निष्कर्ष महत्वपूर्ण होंगे।
दिल्ली पुलिस ने धरना दे रहे अंकिता के माता-पिता को हिरासत में लिया
अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर दिल्ली के इंडिया गेट पर चल रहा प्रदर्शन 15 अक्टूबर की सुबह पुलिस कार्रवाई के बाद चर्चा में आ गया। तड़के करीब 4 बजे दिल्ली पुलिस ने धरनास्थल पर मौजूद अंकिता के माता-पिता, कांग्रेस नेताओं और अन्य प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। हालांकि, बाद में अंकिता के माता-पिता को रिहा कर दिया गया।
परिवार की मांग है कि मामले में कथित VIP एंगल की निष्पक्ष जांच की जाए और CBI जांच पूरी होने तक दुष्यंत कुमार गौतम की राज्यपाल नियुक्ति पर रोक लगाई जाए। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी धरनास्थल पर पहुंचकर अंकिता के माता-पिता से मुलाकात की थी और उनकी न्याय की लड़ाई में समर्थन जताया था। पुलिस की कार्रवाई के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। अंकिता के परिवार की मांग है कि उनकी बेटी को न्याय मिले और मामले से जुड़े सभी सवालों का जवाब जांच के जरिए सामने आए।
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