चार बार विधायक रहे, मध्य प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री की जिम्मेदारी संभाली और बालाघाट से लोकसभा पहुंचे; अब उत्तराखंड के राज्यपाल की भूमिका निभाएंगे
देहरादून | 13 अक्टूबर, 2026
उत्तराखंड को नया राज्यपाल मिलने जा रहा है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने डॉ. ढाल सिंह बिसेन को राज्य का नया राज्यपाल नियुक्त किया है। राष्ट्रपति भवन की ओर से 12 अक्टूबर 2026 को जारी प्रेस विज्ञप्ति में छह राज्यों के राज्यपालों की नियुक्ति और फेरबदल की घोषणा की गई। बिसेन की नियुक्ति उनके पदभार ग्रहण करने की तारीख से प्रभावी होगी।
मध्य प्रदेश की राजनीति में लंबे समय तक सक्रिय रहे बिसेन का राजनीतिक सफर विधानसभा से शुरू होकर लोकसभा तक पहुंचा। अब उनकी नियुक्ति के साथ उत्तराखंड के राजभवन की जिम्मेदारी संभालने के लिए उनका नाम सामने आया है।
सिवनी से शुरू हुआ राजनीतिक सफर
डॉ. ढाल सिंह बिसेन का जन्म 14 मई 1952 को मध्य प्रदेश के सिवनी जिले के पिपरिया गांव में हुआ था। लोकसभा के आधिकारिक परिचय में उनके पेशे का उल्लेख चिकित्सा और कृषि के रूप में किया गया है। राजनीति में आने के बाद उन्होंने मध्य प्रदेश विधानसभा में कई कार्यकाल पूरे किए और राज्य सरकार में मंत्री के रूप में भी काम किया।
चार बार विधायक, दो अलग-अलग अवधियों में कैबिनेट मंत्री
लोकसभा के आधिकारिक रिकॉर्ड के मुताबिक, बिसेन 1990 से 2008 के बीच चार बार मध्य प्रदेश विधानसभा के सदस्य रहे। उनका राजनीतिक अनुभव केवल विधायी कार्यवाही तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने राज्य सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में भी जिम्मेदारियां निभाईं।
वर्ष 2003 से 2004 के दौरान उनके पास वन, परिवहन और खनिज विभागों की जिम्मेदारी थी। इसके बाद 2004 से 2005 के बीच उन्होंने स्कूल शिक्षा और जेल विभाग संभाले। इन पदों पर उनका कार्यकाल मध्य प्रदेश की राजनीति में उनके लंबे अनुभव का हिस्सा रहा।
बालाघाट से संसद तक पहुंचे
विधानसभा की राजनीति के बाद बिसेन राष्ट्रीय राजनीति में भी सक्रिय रहे। मई 2019 में वह मध्य प्रदेश की बालाघाट लोकसभा सीट से निर्वाचित होकर 17वीं लोकसभा पहुंचे। संसद में उनके कार्यकाल के दौरान वह विभिन्न संसदीय समितियों से भी जुड़े रहे।
लोकसभा के रिकॉर्ड में 2012 से 2013 के बीच मध्य प्रदेश राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष के रूप में उनकी भूमिका का भी उल्लेख है। इस तरह उनका राजनीतिक अनुभव राज्य सरकार, विधानसभा, वित्त आयोग और संसद तक फैला रहा है।
उत्तराखंड के लिए क्या होगी नई जिम्मेदारी?
राज्यपाल किसी राज्य का संवैधानिक प्रमुख होता है। राज्यपाल की भूमिका संविधान के प्रावधानों के तहत निर्धारित होती है। इसमें राज्य सरकार के गठन से जुड़ी संवैधानिक प्रक्रियाएं, विधानसभा से संबंधित निर्धारित दायित्व और विधेयकों पर संवैधानिक कार्रवाई जैसे विषय शामिल होते हैं।
डॉ. ढाल सिंह बिसेन की नियुक्ति ऐसे समय हुई है, जब उत्तराखंड में राज्य सरकार और राजभवन के बीच संवैधानिक समन्वय राज्य के प्रशासनिक ढांचे का अहम हिस्सा है। हालांकि, उनकी नियुक्ति के बाद राज्य के लिए किसी नई नीति या प्राथमिकता की घोषणा अभी इस प्रेस विज्ञप्ति में नहीं की गई है।
नियुक्ति की घोषणा, पदभार की तारीख का इंतजार
राष्ट्रपति भवन की विज्ञप्ति में स्पष्ट किया गया है कि सभी नियुक्तियां संबंधित व्यक्तियों के पदभार ग्रहण करने की तारीख से प्रभावी होंगी। इसलिए नियुक्ति की घोषणा और वास्तविक रूप से पद संभालने की तारीख को अलग-अलग समझना जरूरी है।
डॉ. ढाल सिंह बिसेन के पदभार ग्रहण करने की आधिकारिक तारीख सामने आने के बाद उत्तराखंड के नए राज्यपाल के रूप में उनके कार्यकाल की औपचारिक शुरुआत की स्थिति स्पष्ट होगी।
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