मानसून की मार पर प्रशासन सख्त, राहत कार्यों में तेजी और प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता देने के निर्देश
Dehradun | July 29, 2026
लगातार हो रही बारिश और मानसून से बढ़ते आपदा जोखिम के बीच गढ़वाल मंडल में प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा गया है। गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप ने सभी जिलाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि आपदा राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी स्तर पर ढिलाई न बरती जाए। बारिश के कारण बंद पड़े मोटर मार्गों को प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द खोलने और प्रभावित लोगों तक तत्काल राहत पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।
बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित मानसून एवं आपदा प्रबंधन समीक्षा बैठक में आयुक्त ने कहा कि आम जनता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी संबंधित विभाग 24 घंटे अलर्ट मोड में रहें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करें।
बारिश से बंद सड़कें जल्द खोलने के आदेश
आयुक्त आनंद स्वरूप ने कहा कि लगातार बारिश के कारण जिन सड़कों पर यातायात बाधित हुआ है, उन्हें युद्धस्तर पर बहाल किया जाए ताकि स्थानीय लोगों, मरीजों और आवश्यक सेवाओं की आवाजाही प्रभावित न हो। उन्होंने संबंधित विभागों को मशीनरी और संसाधनों का अधिकतम उपयोग करने के निर्देश दिए।
नदी-नालों के किनारे रहने वालों की सुरक्षा पर विशेष निगरानी
बैठक में अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि गाड़-गदेरों, नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों पर विशेष नजर रखी जाए। यदि किसी क्षेत्र में खतरा बढ़ता है तो प्रभावित परिवारों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए तथा उनके भोजन, आवास और अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था की जाए।
साथ ही मैदानी क्षेत्रों में जलभराव की समस्या रोकने के लिए नालियों और जल निकासी व्यवस्था की नियमित निगरानी करने के निर्देश भी दिए गए।
मृतकों और प्रभावित परिवारों को समय पर मिले सहायता राशि
आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बारिश और आपदा से हुई सरकारी एवं निजी संपत्तियों के नुकसान का तत्काल आकलन किया जाए। जनहानि या पशुहानि की स्थिति में प्रभावित परिवारों को नियमानुसार मिलने वाली अहैतुक सहायता राशि निर्धारित समय सीमा के भीतर उपलब्ध कराई जाए।
उन्होंने कहा कि राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।
जरूरत पड़ने पर तुरंत मांगी जाए अतिरिक्त धनराशि
बैठक में आयुक्त ने बताया कि सभी जनपदों को आपदा राहत मद में पर्याप्त धनराशि उपलब्ध कराई जा चुकी है। यदि किसी जिले को अतिरिक्त राशि की आवश्यकता महसूस हो तो बिना देरी शासन को प्रस्ताव भेजा जाए, ताकि राहत कार्य प्रभावित न हों।
इसके अलावा आपदा न्यूनीकरण से जुड़े लंबित प्रस्तावों की अद्यतन स्थिति भी जल्द उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
चारधाम यात्रा: मौसम बिगड़ने पर यात्रा रोकी जा सकती है
चारधाम यात्रा की समीक्षा के दौरान आयुक्त ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मौसम विभाग की भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए आवश्यकता पड़ने पर यात्रा को एहतियातन कुछ समय के लिए रोका जा सकता है।
उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जाए और स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों तथा आपदा प्रबंधन तंत्र को पूरी तरह सक्रिय रखा जाए, ताकि किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।
इन जिलों के डीएम रहे बैठक में शामिल
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में अपर आयुक्त उत्तम सिंह चौहान सहित देहरादून, हरिद्वार, टिहरी, पौड़ी, चमोली, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी के जिलाधिकारी वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए।
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