चमोली: चमोली जनपद में जिलाधिकारी गौरव कुमार की अध्यक्षता में बुधवार को जिला सभागार, गोपेश्वर में जिला सैनिक परिषद की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद के पूर्व सैनिकों, सेवारत सैनिकों, वीर नारियों एवं सैनिक विधवाओं से जुड़ी विभिन्न समस्याओं, कल्याणकारी योजनाओं तथा सैनिक सम्मान से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में जिला सैनिक कल्याण अधिकारी ने बताया कि जनपद में वर्तमान में 11,155 पूर्व सैनिक, 5,195 सैनिक विधवाएं, 98 वीर नारियां तथा 20 द्वितीय विश्व युद्ध वीरांगनाएं पंजीकृत हैं। उन्होंने वर्ष 2025-26 में सैनिक कल्याण विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि 23 द्वितीय विश्व युद्ध वीरांगनाओं को ₹34,08,215 की सहायता, 105 वीरता पदक प्राप्त सैनिकों एवं उनके आश्रितों को ₹1,37,40,000 का अनुदान तथा छह पूर्व सैनिकों को पुत्री विवाह अनुदान के रूप में ₹4,50,000 प्रदान किया गया। इसके अतिरिक्त छात्रवृत्ति, भर्ती पूर्व प्रशिक्षण, पेंशन एवं अन्य कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से भी पात्र लाभार्थियों को लाभान्वित किया गया।
जिलाधिकारी ने पूर्व सैनिकों, सेवारत सैनिकों एवं सैनिक विधवाओं को भवन कर में छूट के पात्र लाभार्थियों की संख्या बढ़ाने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पात्र व्यक्तियों को शासन की सभी सुविधाओं का समयबद्ध लाभ मिलना चाहिए। जनपद में निर्माणाधीन एवं प्रस्तावित 11 शहीद द्वारों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने काण्डेई, मैखोली, फलोदा, मस्ट, सुनाऊ तथा गिरसा में निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही अन्य प्रस्तावित स्थलों पर शीघ्र आगणन तैयार कर कार्य प्रारंभ करने को कहा। बैठक में मोटर मार्गों के नाम परिवर्तन से संबंधित प्राप्त आवेदनों पर भी चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने सभी प्रस्तावों पर निर्धारित प्रक्रिया पूर्ण करते हुए शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
पूर्व सैनिकों द्वारा दिए गए सुझावों पर विचार करते हुए जिलाधिकारी ने कर्णप्रयाग तहसील के कालेश्वर क्षेत्र में सैनिक विश्राम गृह एवं ईसीएचएस पॉलीक्लिनिक के लिए भूमि चयन की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश तहसीलदार कर्णप्रयाग को दिए। इसके साथ ही थराली एवं गैरसैंण में भी सैनिक विश्राम गृह हेतु भूमि आवंटन की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए।
उन्होंने क्षेत्रपाल क्षेत्र में सैनिक कैंटीन एवं ईसीएचएस केंद्र की स्थापना के प्रस्ताव पर संबंधित अधिकारियों को विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजने के निर्देश दिए। बैठक में पूर्व सैनिकों एवं उनके परिजनों की विभिन्न समस्याओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई। श्रीमती उषा फारस्वाण द्वारा टाइप-1 आवास भवन के ध्वस्तीकरण, महावीर पंवार की उपनल नियुक्ति, ज्ञान सिंह द्वारा नंदानगर में सैनिक स्कूल स्थापना संबंधी सुझाव, वीरेंद्र सिंह को लोक निर्माण विभाग से अनुभव प्रमाण-पत्र जारी करने सहित अन्य प्रकरणों पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान साहित्यकार मोहन सिंह ‘अकेला’ द्वारा लिखित पुस्तक “स्वतंत्रता पूर्व के युग परिवर्तक गढ़वाली सैनिक” का भी विमोचन किया गया। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अभिषेक त्रिपाठी, कर्नल हरेंद्र सिंह रावत, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कलम सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अभिषेक गुप्ता सहित पूर्व सैनिक, उनके परिजन एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
जिला सैनिक परिषद की बैठक में पूर्व सैनिकों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता, शहीद द्वारों व सैनिक सुविधाओं में तेजी के निर्देश







