आयुष्मान कार्ड फर्जीवाड़ा मामले में अस्पताल की जांच में हुआ खुलासा, उपचार के दौरान मांगी गई फोटो से सामने आई कथित धोखाधड़ी
दून अस्पताल में आयुष्मान योजना में कथित फर्जीवाड़ा, दूसरे मरीज का कराया इलाज, पुलिस में शिकायत
Dehradun, 31 May 2026: राजधानी स्थित राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में अटल आयुष्मान योजना के तहत पहचान संबंधी कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक व्यक्ति ने अपने आयुष्मान कार्ड का उपयोग कर किसी अन्य मरीज का उपचार कराने का प्रयास किया। मामले का खुलासा अस्पताल में उपचार के दौरान आवश्यक सत्यापन प्रक्रिया के समय हुआ, जिसके बाद अस्पताल प्रशासन ने स्वास्थ्य प्राधिकरण को सूचना देने के साथ ही पुलिस में शिकायत दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है।
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अस्पताल सूत्रों के अनुसार गोविंदगढ़ निवासी मंजीत सिंह (40) को 26 मई 2026 को कार्डियोलॉजी विभाग के वार्ड नंबर-87 में भर्ती दिखाया गया था। भर्ती के समय आयुष्मान योजना के तहत निर्धारित दस्तावेजी और बायोमेट्रिक औपचारिकताएं भी पूरी कर ली गई थीं। इसके बाद संबंधित मरीज का उपचार शुरू हुआ और विभिन्न चिकित्सकीय परीक्षण भी किए गए।
मामला तब संदेह के घेरे में आया जब उपचार संबंधी फाइल को अंतिम सत्यापन के लिए मरीज की बेड पर ली गई तस्वीर की आवश्यकता पड़ी। अस्पताल के आयुष्मान मित्र द्वारा फोटो मांगे जाने के बाद संबंधित व्यक्ति दोबारा काउंटर पर नहीं पहुंचा, जिससे अधिकारियों को शक हुआ।
जांच के दौरान सामने आया कि इलाज से जुड़े सभी दस्तावेज मंजीत सिंह के नाम पर तैयार किए गए थे, जबकि वास्तविक उपचार मेरठ के ओल्ड हस्तिनापुर निवासी विक्की पुत्र रवि कुमार का किया जा रहा था। अस्पताल रिकॉर्ड के अनुसार मरीज की एंजियोग्राफी समेत अन्य महत्वपूर्ण जांचें भी कराई जा चुकी थीं और मामला सीसीयू स्तर तक पहुंच गया था।
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अस्पताल प्रशासन का कहना है कि वार्ड निरीक्षण के दौरान यह भी पाया गया कि जिस मरीज के नाम पर उपचार दर्ज था, वह वार्ड में मौजूद ही नहीं था। इसके बाद पूरे मामले की विस्तृत जांच शुरू की गई।
बताया गया कि शनिवार दोपहर मंजीत सिंह दोबारा आयुष्मान काउंटर पर पहुंचा। यहां उससे आवश्यक फोटो और दस्तावेज मांगे गए। आरोप है कि इस दौरान उसने अस्पताल कर्मियों के साथ अभद्र व्यवहार किया और वहां से निकलने की कोशिश की। कर्मचारियों ने उसे रोककर पूछताछ की, जिसमें कथित रूप से दूसरे व्यक्ति के इलाज के लिए अपने आयुष्मान कार्ड के इस्तेमाल की बात सामने आई।
अस्पताल प्रबंधन ने इस मामले को गंभीर वित्तीय और पहचान संबंधी धोखाधड़ी मानते हुए राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण को सूचित कर दिया है। साथ ही पूरे प्रकरण की जांच और संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग को लेकर पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई गई है।
दून अस्पताल के डिप्टी सीएमएस डॉ. एन.एस. बिष्ट ने बताया कि मामले की सूचना संबंधित थाने को दे दी गई है तथा स्वास्थ्य विभाग को भी विस्तृत रिपोर्ट भेजी गई है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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