संयुक्त संघर्ष समिति ने राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन, हस्तक्षेप का किया अनुरोध
Dehradun, 02 February: अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी की पहचान, गिरफ्तारी और उसे संरक्षण देने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग को लेकर सोमवार को देहरादून स्थित जिलाधिकारी कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया गया। विभिन्न राजनीतिक दलों, जनसंगठनों और महिला संगठनों ने संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन तहसीलदार-मजिस्ट्रेट को सौंपा।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि मामले में मुख्य आरोपियों को सजा मिलने के बावजूद अब तक उस वीआईपी की पहचान और जांच नहीं की गई, जिसके लिए अंकिता पर “स्पेशल सर्विस” का दबाव बनाया गया था। ज्ञापन में राष्ट्रपति से हस्तक्षेप कर स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित कराने की मांग की गई।
“वीआईपी कौन है?”— आंदोलनकारियों का सवाल
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि अदालत के फैसले में हत्या का कारण स्पष्ट रूप से वीआईपी को स्पेशल सर्विस देने से इनकार बताया गया है, इसके बावजूद राज्य सरकार उस वीआईपी को सामने लाने में गंभीर नहीं दिख रही। हाल में सामने आए ऑडियो-वीडियो लिंक के आधार पर एक प्रभावशाली राजनीतिक व्यक्ति पर संदेह जताया गया, लेकिन इस दिशा में कोई आधिकारिक जांच नहीं की गई।

महिलाओं के शोषण के खिलाफ बड़ी लड़ाई
वक्ताओं ने कहा कि अंकिता भंडारी की हत्या सिर्फ एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि पर्यटन क्षेत्र में महिलाओं के शोषण, राजनीतिक संरक्षण और सत्ता के दुरुपयोग का प्रतीक है। वनंतरा रिज़ॉर्ट से जुड़े तथ्य राज्य में चल रहे वेश्यावृत्ति और मानव तस्करी नेटवर्क की ओर भी इशारा करते हैं, जिनकी गहन जांच जरूरी है।
प्रदर्शन में कई संगठनों की भागीदारी
प्रदर्शन में नवनीत गुसांई, सीपीआईएम सचिव अनंत आकाश, वरिष्ठ आंदोलनकारी सरिता गौड़, राष्ट्रीय उत्तराखंड पार्टी के महासचिव बालेश बबानिया, सीआईटीयू उपाध्यक्ष भगवन्त पयाल, यूकेडी महानगर अध्यक्ष बृजेंद्र रावत सहित अनेक सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ता और महिला संगठन शामिल रहे।
प्रदर्शन शहीद स्थल से शुरू होकर जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचा, जहां सभा में तब्दील हो गया।
राष्ट्रपति से की गई ये प्रमुख मांगें
- वीआईपी की पहचान कर गिरफ्तारी
- साक्ष्य नष्ट करने वालों पर कार्रवाई
- सुप्रीम कोर्ट/हाईकोर्ट की निगरानी में सीबीआई जांच
- पर्यटन क्षेत्र में महिलाओं की सुरक्षा के लिए सख्त नीति
तहसीलदार-मजिस्ट्रेट ने ज्ञापन प्राप्त कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
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