CBSE की ओर से दो दिवसीय कैपेसिटी बिल्डिंग कार्यशाला का आयोजन
57 शिक्षकों ने लिया भाग, अनुभवात्मक अधिगम पर हुई चर्चा
Dehradun, 20 September: शिक्षा की गुणवत्ता और विद्यार्थियों के समग्र विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से सीबीएसई (CBSE) लगातार नवाचार कर रहा है। इसी कड़ी में देहरादून स्थित दी एशियन स्कूल में 19 व 20 सितम्बर को दो दिवसीय कैपेसिटी बिल्डिंग कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का विषय था अनुभवात्मक अधिगम पर आधारित शिक्षण पद्धतियां, जिसमें शहर के विभिन्न विद्यालयों से आए 57 शिक्षकों ने भाग लिया।
विशेषज्ञों ने दी नई शिक्षण विधियों की जानकारी

CBSE की ओर से आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला के पहले दिन अनुभवात्मक अधिगम (Experiential Learning) को लेकर शिक्षकों को नई शिक्षण तकनीकों की जानकारी दी गई। साथ ही नई शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) के उदृेश्यों पर भी चर्चा की गई। वहीं दूसरे दिन विशेषज्ञों ने संवेदनशील शिक्षण विधियों और विशेष आवश्यकता वाले विद्यार्थियों को पढ़ाने की तकनीकों पर जानकारी दी। इस दौरान प्रतिभागियों ने केस स्टडी, प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग, रोल प्ले और समस्या समाधान जैसी गतिविधियों में भाग लिया। इन अभ्यासों का उद्देश्य शिक्षण प्रक्रिया को अधिक रोचक और प्रभावशाली बनाना था। दी एशियन स्कूल की प्रधानाचार्या रूचि प्रधान दत्ता ने बताया कि कार्यशाला का मकसद शिक्षकों के ज्ञान, कौशल और समझ को बढ़ाना था। उन्होंने बताया कि दो दिवसीय कार्यशाला में प्रशिक्षकों ने अनुभवात्मक शिक्षण की तकनीकों और उसके व्यावहारिक उपयोग पर विस्तार से चर्चा की। कार्यशाला में CBSE की ओर से बतौर रिसोर्स पर्सन नियुक्त हिल ग्रोव स्कूल की प्रधानाचार्या डॉ. ललिता कोठिया ने बताया कि दो दिवसीय कार्यक्रम में प्रतिभागियों को समूह गतिविधियों और प्रायोगिक अभ्यासों के माध्यम से नई शिक्षण विधियों की जानकारी दी गई।
कार्यशाला के समापन पर विद्यालय की प्रधानाचार्या ने सभी प्रशिक्षकों और शिक्षकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं शिक्षकों को नई शिक्षण पद्धतियों से जोड़ती हैं और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में सहायक होती हैं।
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