CBSE Result 2026: OSM विवाद पर शिक्षा मंत्रालय आया सामने, Revaluation Fees में बड़ी राहत
New Delhi/ Dehradun, 17 May: CBSE Result 2026 जारी होने के बाद देशभर में छात्रों और अभिभावकों के बीच ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली को लेकर विवाद बढ़ता दिखाई दे रहा है। कई छात्रों ने आरोप लगाया कि डिजिटल मूल्यांकन प्रक्रिया के कारण उन्हें उम्मीद से कम अंक मिले हैं। सोशल मीडिया पर ऐसे कई मामले सामने आए, जहां छात्रों ने दावा किया कि JEE जैसी प्रतियोगी परीक्षाएं पास करने के बावजूद उनके CBSE बोर्ड परीक्षा परिणाम निराशाजनक रहे।
लगातार बढ़ते विरोध और सवालों के बीच अब शिक्षा मंत्रालय ने प्रेस वार्ता कर स्थिति स्पष्ट की है। मंत्रालय ने कहा कि OSM यानी On-Screen Marking एक पारदर्शी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वीकार की गई मूल्यांकन प्रणाली है, जिसका उद्देश्य जांच प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित और निष्पक्ष बनाना है।
स्कूल शिक्षा सचिव संजय कुमार ने बताया कि इस वर्ष लगभग 98 लाख उत्तर पुस्तिकाओं को स्कैन कर डिजिटल माध्यम से जांचा गया। हालांकि कुछ उत्तर पुस्तिकाओं में हल्की स्याही और अस्पष्ट लिखावट के कारण स्कैनिंग में दिक्कत आई। ऐसे मामलों में संबंधित कॉपियों को अलग से पहचानकर मैनुअल जांच कराई गई ताकि छात्रों के अंकों पर कोई गलत प्रभाव न पड़े। मंत्रालय के अनुसार 13 हजार से अधिक उत्तर पुस्तिकाओं की अलग से जांच की गई और बाद में उनके अंक सिस्टम में अपडेट किए गए।
CBSE ने घटाई Revaluation Fees
OSM विवाद के बीच CBSE ने छात्रों को बड़ी राहत देते हुए Revaluation और Verification फीस में भारी कटौती की घोषणा की है। अब छात्र केवल ₹100 देकर अपनी स्कैन की गई उत्तर पुस्तिका देख सकेंगे, जबकि पहले इसके लिए ₹700 शुल्क देना पड़ता था। वहीं उत्तर पुस्तिका सत्यापन शुल्क भी ₹500 से घटाकर ₹100 कर दिया गया है।
इसके अलावा किसी विशेष प्रश्न की दोबारा जांच के लिए छात्रों को ₹25 प्रति प्रश्न शुल्क देना होगा। CBSE ने यह भी कहा है कि यदि पुनर्मूल्यांकन के बाद किसी छात्र के अंक बढ़ते हैं, तो उससे लिया गया शुल्क वापस कर दिया जाएगा।
छात्रों को मिलेगी अधिक पारदर्शिता
CBSE अधिकारियों का कहना है कि हर साल करोड़ों उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन किया जाता है, इसलिए मामूली तकनीकी या मानवीय त्रुटियों की संभावना को पूरी तरह नकारा नहीं जा सकता। इसी कारण बोर्ड ने शिकायत निवारण और पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया को पहले से अधिक पारदर्शी बनाया है ताकि छात्रों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
गौरतलब है कि CBSE Result 2026 में इस बार कुल पास प्रतिशत 85.20% दर्ज किया गया है, जो पिछले वर्ष के मुकाबले कम है। परिणामों में आई गिरावट और OSM विवाद के बाद शिक्षा मंत्रालय की यह सफाई छात्रों और अभिभावकों के लिए काफी अहम मानी जा रही है।
Source: The Hindu
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