हिमालय दिवस पर CSIR-IIP देहरादून में विशेष कार्यक्रम का आयोजन
देहरादून, 8 सितम्बर। वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद-भारतीय पेट्रोलियम संस्थान देहरादून (CSIR-IIP) में रविवार को हिमालय दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर वाडिया हिमालय भूविज्ञान संस्थान के भूकंप विज्ञान प्रभाग के प्रमुख डॉ. नरेश कुमार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
संस्थान के निदेशक डॉ. हरेंद्र सिंह बिष्ट ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि हिमालय केवल भौगोलिक सीमा ही नहीं, बल्कि पारिस्थितिकीय संतुलन और संवहनीय विकास का आधार है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख करते हुए चंपावत क्षेत्र में संस्थान द्वारा चलाए जा रहे पिरूल ब्रिकेटिंग कार्य का उदाहरण प्रस्तुत किया।
मुख्य अतिथि डॉ. नरेश कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि हिमालय दिवस केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि देश के सबसे संवेदनशील भौगोलिक क्षेत्र की चुनौतियों और समाधान पर गंभीरता से विचार करने का अवसर है। उन्होंने हिमालयी क्षेत्रों में भूकंपीय गतिविधियों की प्रवृत्तियों पर प्रकाश डालते हुए जागरूकता और सामुदायिक भागीदारी की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम के दौरान ‘हिमालय एवं आपदाएं’ विषय पर प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता और निबंध प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। विजेताओं को निदेशक एवं मुख्य अतिथि द्वारा पुरस्कार और प्रमाणपत्र प्रदान किए गए।
कार्यक्रम का समन्वयन मुख्य वैज्ञानिक एवं विज्ञान संचार प्रमुख हेमंत मधुकर कुलकर्णी ने किया, जबकि संचालन वरिष्ठ हिंदी अधिकारी सोमेश्वर पांडेय ने किया।

