देहरादून में 15,540 राजस्व वाद लंबित, डीएम ने स्मार्ट मॉनिटरिंग के दिए निर्देश

देहरादून में 15,540 राजस्व वाद लंबित, डीएम ने स्मार्ट मॉनिटरिंग के दिए निर्देश

पुराने मामलों के त्वरित निस्तारण पर जोर, 3 से 5 साल पुराने 82 वादों को प्राथमिकता; निर्विवाद विरासतन मामलों के युद्धस्तर पर निस्तारण के निर्देश

देहरादून | 24 सितंबर, 2026

जमीन-जायदाद और राजस्व से जुड़े लंबित मामलों के निस्तारण को लेकर देहरादून प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने राजस्व न्यायालयों में लंबित वादों की समीक्षा करते हुए पुराने मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने के निर्देश दिए हैं।

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ऋषिपर्णा सभागार, कलेक्ट्रेट में आयोजित मासिक समीक्षा बैठक में राजस्व न्यायालयों के लंबित वादों, न्यायालयों से संबंधित मामलों और शासन स्तर से संदर्भित प्रकरणों की प्रगति की समीक्षा की गई। समीक्षा में जिले में 15,540 राजस्व वाद निस्तारण के लिए लंबित पाए गए।

बैठक में धारा 166/167 के तहत उप जिलाधिकारी एवं तहसीलदार न्यायालयों में 3 से 5 वर्ष पुराने 82 वाद लंबित पाए गए। जिलाधिकारी ने इन मामलों के निस्तारण में तेजी लाने और नियमित समीक्षा के निर्देश दिए।

इसी तरह धारा 229बी के 841 वाद तथा धारा 176 के 1,157 वाद निस्तारण के लिए लंबित पाए गए। धारा 176 के मामलों में 3 से 5 वर्ष पुराने 179 वाद भी शामिल हैं। डीएम ने अधिकारियों को पुराने मामलों को चिह्नित कर उनके निस्तारण के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने को कहा।

निर्विवाद विरासतन मामलों पर विशेष फोकस

जिलाधिकारी ने निर्विवाद विरासतन मामलों का युद्धस्तर पर निस्तारण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन मामलों में कोई विवाद नहीं है, उन्हें अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखा जाना चाहिए। ऐसे मामलों का नियमानुसार त्वरित परीक्षण और निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा गया, ताकि आमजन को राजस्व मामलों के लिए अनावश्यक रूप से कार्यालयों और न्यायालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।

हर मामले की होगी डिजिटल निगरानी

लंबित वादों की निगरानी को प्रभावी बनाने के लिए जिलाधिकारी ने सॉफ्टवेयर आधारित स्मार्ट मॉनिटरिंग सिस्टम विकसित करने के निर्देश दिए। प्रस्तावित व्यवस्था में प्रत्येक मामले की वर्तमान स्थिति, लंबित रहने का कारण, संबंधित अधिकारी और निस्तारण की निर्धारित समयसीमा जैसी जानकारी एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगी।

डीएम ने कहा कि स्मार्ट मॉनिटरिंग व्यवस्था से लंबित मामलों की वास्तविक स्थिति की जानकारी तत्काल मिल सकेगी और जिम्मेदारी तय करने के साथ समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकेगी।

इसके अलावा न्यायालयों में लंबित मामलों के आदेशों की अनुपालन स्थिति तथा मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और सचिव स्तर से संदर्भित मामलों की कार्रवाई और कम्प्लायंस का भी नियमित अपडेट रखने के निर्देश दिए गए।

बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व के.के. मिश्रा, अपर जिलाधिकारी प्रशासन स्मृता परमार, संयुक्त मजिस्ट्रेट राहुल आनंद, नगर मजिस्ट्रेट राकेश तिवारी सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

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The India Vox

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Ravi Priyanshu

Ravi Priyanshu is a journalist, novelist, and Founder & Editor-in-Chief of The India Vox. With 23+ years of experience, he is dedicated to credible journalism and meaningful storytelling.

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