राज्य स्वराज पार्टी ने भाजपा विधायक सुरेश गड़िया पर लगाए गंभीर आरोप, 208 क्रिकेट किटों की खरीद और वितरण पर मांगा जवाब; चकराता विधायक निधि मामले का भी उठाया मुद्दा, निष्पक्ष जांच नहीं होने पर प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी।
देहरादून। 07 नवंबर, 2026
उत्तराखंड में विधायक निधि के इस्तेमाल को लेकर एक बार फिर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। राज्य स्वराज पार्टी (RSP) ने बागेश्वर जिले की कपकोट विधानसभा सीट से भाजपा विधायक सुरेश गड़िया पर विधायक निधि से क्रिकेट किट की खरीद में बड़े वित्तीय अनियमितता के आरोप लगाए हैं। पार्टी का दावा है कि बाजार में करीब 8 हजार रुपये की कीमत वाली क्रिकेट किट को सरकारी धन से 32 हजार रुपये प्रति किट की दर से खरीदा गया। पार्टी ने इस पूरे मामले को करोड़ों रुपये के कथित घोटाले से जोड़ते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
देहरादून स्थित पार्टी के महानगर कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में वरिष्ठ नेता बॉबी पंवार, महानगर अध्यक्ष सुमित अग्रवाल, देवेन्द्र बिष्ट और ललित श्रीवास्तव ने संयुक्त रूप से इन आरोपों को सार्वजनिक किया।
₹8,075 की क्रिकेट किट ₹32 हजार में खरीदने का आरोप
प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी नेताओं ने बताया कि मार्च 2026 में 208 क्रिकेट किटों की बल्क खरीद की गई थी। RSP के अनुसार, उस समय एक क्रिकेट किट का वास्तविक बाजार मूल्य लगभग 8,075 रुपये था, जबकि 14 अक्टूबर 2026 तक इसकी कीमत बढ़कर करीब 9,500 रुपये बताई गई।
इसके बावजूद विधायक निधि से कार्यदायी संस्था उत्तराखंड कोऑपरेटिव फेडरेशन के माध्यम से प्रत्येक किट की खरीद 32 हजार रुपये में किए जाने का आरोप लगाया गया है।
पार्टी नेताओं का कहना है कि बाजार मूल्य और खरीद मूल्य के बीच भारी अंतर सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका पैदा करता है। उन्होंने इस खरीद की प्रक्रिया, टेंडर, सप्लायर और भुगतान से जुड़े दस्तावेजों की जांच कराने की मांग की है।
208 क्रिकेट किट खरीदीं, वितरण पर भी उठाए सवाल
RSP ने क्रिकेट किट खरीद के साथ उनके वितरण को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। पार्टी का दावा है कि मार्च में खरीदी गई कुल 208 किटों में से अब तक महज लगभग एक दर्जन गांवों में ही किट वितरित की गई हैं।
पार्टी नेताओं ने सवाल किया कि यदि सभी 208 किट खरीदी गई थीं, तो शेष किट कहां हैं? उनका वितरण किन गांवों में होना था और अब तक कितनी किटें वास्तव में खिलाड़ियों तक पहुंची हैं? पार्टी ने इन सभी बिंदुओं पर सार्वजनिक जानकारी देने की मांग की है।
चकराता विधायक निधि मामले से की तुलना
प्रेस कॉन्फ्रेंस में नेताओं ने चकराता विधायक निधि से जुड़े कथित घोटाले का भी जिक्र किया। उनका आरोप है कि चकराता मामले में जांच की धीमी गति के कारण कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं और अब कपकोट के मामले में भी इसी तरह की ढिलाई बरती जा रही है।
RSP नेताओं ने कहा कि सरकारी धन से जुड़े मामलों में जांच समयबद्ध और निष्पक्ष होनी चाहिए, ताकि दोषियों की जवाबदेही तय की जा सके।
स्टेडियम निर्माण और ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने के आरोप
बॉबी पंवार ने कपकोट क्षेत्र में खेल स्टेडियमों के निर्माण और अन्य विकास कार्यों को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि करीब 10 लाख रुपये के कार्यों को करोड़ों रुपये का दिखाकर भुगतान किए जाने की आशंका है।
इसके अलावा उन्होंने आरोप लगाया कि विधायक के करीबी दो-तीन ठेकेदारों को ही विकास कार्यों में बार-बार लाभ पहुंचाया जा रहा है। निजी कोऑपरेटिव संस्थाओं के नाम पर भी अनियमितताओं का आरोप लगाया गया।
PMGSY सड़कों के टेंडर में 12 से 15 प्रतिशत कमीशन का दावा
पार्टी नेताओं ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत बनने वाली सड़कों के टेंडर में भी कथित कमीशनखोरी का आरोप लगाया। उनका दावा है कि कुछ सड़कों के निर्माण कार्यों के एवज में दो से तीन ठेकेदारों से 12 से 15 प्रतिशत तक कमीशन वसूले जाने की जानकारी सामने आई है।
बॉबी पंवार ने कहा कि इस संबंध में कुछ पुख्ता साक्ष्य जल्द ही सार्वजनिक किए जाएंगे।
अस्पतालों में डॉक्टर नहीं, स्कूलों में शिक्षकों की कमी का मुद्दा
RSP ने कपकोट क्षेत्र की बुनियादी सुविधाओं को लेकर भी सरकार और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को घेरा। पार्टी नेताओं के मुताबिक, क्षेत्र के अस्पतालों में लगभग 70 प्रतिशत डॉक्टरों के पद खाली हैं। कांडा और कपकोट में अल्ट्रासाउंड जैसी जरूरी चिकित्सा सुविधा तक उपलब्ध नहीं होने का दावा किया गया।
वहीं, सरकारी स्कूलों में मुख्य विषयों के लगभग 90 प्रतिशत पद रिक्त होने की बात भी प्रेस कॉन्फ्रेंस में उठाई गई।
पार्टी ने आरोप लगाया कि एक ओर क्षेत्र के युवा और आम नागरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर गांवों में नियमों को ताक पर रखकर अवैध बार संचालित किए जा रहे हैं। नेताओं ने बिना पार्किंग और निर्धारित मानकों के बार खोले जाने तथा शराब तस्करी को बढ़ावा मिलने का आरोप लगाया।
जांच नहीं हुई तो प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी
प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में राज्य स्वराज पार्टी ने कपकोट विधायक निधि से हुई क्रिकेट किट खरीद और चकराता विधायक निधि से जुड़े मामले की निष्पक्ष एवं त्वरित जांच की मांग की।
पार्टी नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि इन मामलों में पारदर्शी जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई, तो राज्य स्वराज पार्टी प्रदेशभर में आंदोलन शुरू करेगी।
फिलहाल, ये सभी आरोप राज्य स्वराज पार्टी की ओर से लगाए गए हैं। इनकी स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि और संबंधित खरीद एवं भुगतान अभिलेखों की जांच आवश्यक है। मामले में विधायक सुरेश गड़िया और संबंधित कार्यदायी संस्था का पक्ष सामने आने के बाद ही पूरे प्रकरण की तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
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