दो दिवसीय साहित्य एवं कला महोत्सव में लेखकों, इतिहासकारों और सैन्य विशेषज्ञों ने साझा किए विचार; रामायण-महाभारत से लेकर पर्यावरण और सैन्य सुरक्षा तक हुई चर्चा
देहरादून | 28 सितंबर, 2026
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में दो दिवसीय ‘द लिटरेरी टेबल’ लिटरेचर एंड आर्ट फेस्टिवल का भव्य शुभारंभ फेयरफील्ड बाय मैरियट के सभागार में हुआ। दीप प्रज्वलन और गणेश वंदना के साथ शुरू हुए इस साहित्य एवं कला महोत्सव का उद्घाटन भारतीय रिजर्व बैंक, झारखंड के निदेशक प्रेम रंजन अनिमेष ने किया। उद्घाटन अवसर पर उन्होंने सम्मानित किए गए स्कूली बच्चों को शुभकामनाएं दीं।
फेस्टिवल की डायरेक्टर डॉ. आलोका दास गुप्ता नियोगी ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि देहरादून में देश के जाने-माने लेखकों और विचारकों की मौजूदगी गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन पाठकों और युवाओं को लेखकों से सीधे संवाद करने, उनके विचार सुनने और सवाल पूछने का अवसर देते हैं।
स्कूली बच्चों को मिला ‘यंग ऑथर’ सम्मान
फेस्टिवल में युवाओं की रचनात्मक प्रतिभा को विशेष मंच दिया गया। ‘यंग ऑथर’ सम्मान के तहत कई स्कूली विद्यार्थियों को उनकी लेखन प्रतिभा के लिए सम्मानित किया गया।
दून स्कूल के अभिराज सिंघवी और ओएसिस स्कूल के विहान अहलावत को सम्मान मिला। वहीं, दिल्ली पब्लिक स्कूल देहरादून के विद्यार्थियों द्वारा लिखी गई पुस्तक ‘Mysterious Adventure’ के लिए लाभांश शिरीन, हविश, कृष्णग और रियान जोशी को सम्मानित किया गया।
इसके अलावा डीपीएस देहरादून के दूसरे समूह द्वारा लिखी गई पुस्तक ‘Who Was He’ के लिए आरभ शुक्ला, अथर्व विश्वकर्मा, नव्यांश शर्मा और आयांश आत्रेय को प्रशस्ति पत्र और मोमेंटो प्रदान किए गए।
साहित्य, इतिहास और संस्कृति पर चर्चा
फेस्टिवल के विभिन्न सत्रों में साहित्य, इतिहास, वास्तुकला, संस्कृति और समकालीन विषयों पर चर्चा हुई। ‘Architecture of Secrets’ सत्र में शुभोभ्रता मजूमदार, दीपांजलि सिंह और डॉ. आलोका दास गुप्ता नियोगी ने अपने अनुभव और विचार साझा किए।
‘Fractured Timelines’ सत्र में समृद्धि गुलाटी, जयश्री बनर्जी और कीर्ति अहलावत ने इतिहास और समय की विभिन्न परतों पर चर्चा की। सत्र के दौरान दर्शकों के सवालों पर भी वक्ताओं ने विस्तार से अपनी बात रखी।
देवदत्त पटनायक ने रामायण-महाभारत के पात्रों पर रखे विचार
फेस्टिवल के चर्चित सत्रों में ‘A Playful Look at Our Epics’ भी शामिल रहा। लेखक देवदत्त पटनायक ने मोना वर्मा के साथ संवाद के दौरान रामायण और महाभारत को एक लेखक के दृष्टिकोण से समझने की बात कही।
उन्होंने सीता और द्रौपदी के पात्रों की अलग-अलग व्याख्या करते हुए कहा कि इन महाकाव्यों को समझने के लिए पात्रों और उनके संदर्भों को अलग-अलग दृष्टिकोण से देखना जरूरी है। उन्होंने महाभारत को ‘पंचम वेद’ के रूप में संदर्भित करते हुए महाकाव्यों के विभिन्न प्रसंगों पर अपने विचार साझा किए।
सैन्य सुरक्षा और ऑपरेशन सिंदूर पर भी चर्चा
‘Military Security’ से जुड़े सत्र में मॉडरेटर मेजर जनरल आनंद रावत और डॉ. रूबी गुप्ता ने लेखक मेजर जनरल रंजन महाजन से सैन्य सुरक्षा, कश्मीर में सेना की तैनाती, आतंकवाद विरोधी अभियानों और सैन्य बलिदानों से जुड़े विषयों पर संवाद किया।
मेजर जनरल रंजन महाजन ने भारत-पाकिस्तान के बीच संघर्ष, कश्मीर में सुरक्षा परिस्थितियों, कश्मीरी पंडितों से जुड़े घटनाक्रम तथा ऑपरेशन सिंदूर और चीन के साथ सीमा सुरक्षा जैसे विषयों पर अपने विचार साझा किए।

भारतीय वास्तुकला और इतिहास पर विमर्श
‘Head in Stone and Water: Architectural Wonders of Bombay’ सत्र में बची करकरिया, देवदत्त पटनायक और प्रियाक्शी राजगुरु गोस्वामी ने भारतीय वास्तुकला, इतिहास और परंपराओं पर चर्चा की।
देवदत्त पटनायक ने उत्तर और दक्षिण भारत की मंदिर वास्तुकला के बीच समानताओं और सांस्कृतिक संबंधों पर प्रकाश डाला। वहीं, बची करकरिया ने भारतीय इतिहास और परंपराओं से जुड़े कई पहलुओं को दर्शकों के सामने रखा।
सुभाष चंद्र बोस से जुड़े रहस्यों पर चर्चा
‘Files Unsealed: The Bose Enigma Declassified’ सत्र में चंद्रचूड़ घोष और अनुज धर ने मॉडरेटर पूजा खन्ना तथा डॉ. आलोका दास गुप्ता नियोगी के साथ नेताजी सुभाष चंद्र बोस से जुड़े ऐतिहासिक रहस्यों और दस्तावेजों पर चर्चा की।
पर्यावरण संरक्षण का संदेश
फेस्टिवल के अंतिम सत्र ‘Our Last Chance: The Fight for Mother Earth’ में यूनिवर्सिटी ऑफ कैम्ब्रिज के प्रोफेसर भास्कर वीरा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित किया। उन्होंने देहरादून में बिताए अपने बचपन के दिनों को याद करते हुए पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता पर जोर दिया।
उन्होंने पर्यावरण जागरूकता से जुड़ी अपनी डॉक्यूमेंट्री भी दर्शकों को दिखाई और लोगों से पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार भूमिका निभाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में फेस्टिवल डायरेक्टर एवं क्यूरेटर डॉ. आलोका दास गुप्ता नियोगी, आर्ट एंड कल्चर कोऑर्डिनेटर पूजा खन्ना, कोऑर्डिनेशन कोलैबोरेशन समृद्धि गुलाटी, ऑपरेशंस एंड लॉजिस्टिक्स कोऑर्डिनेटर कल्याण साहा, हॉस्पिटैलिटी कोऑर्डिनेटर जयश्री बनर्जी एवं सहजुती साहा, फंड रेजिंग कमेटी के कोऑर्डिनेटर सुब्रतो मजूमदार सहित अनुज राणा, गुंजन बलूजा, नरेंद्र सिंह और प्रेरणा चौहान मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन मनु आहूजा ने किया।
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