50 हजार का इनामी आरोपी पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार, 2022 से था फरार

डोईवाला चोरी केस: 50 हजार का इनामी आरोपी गिरफ्तार

ऑपरेशन प्रहार के तहत देहरादून पुलिस की कार्रवाई, ट्रांजिट रिमांड पर आरोपी को लाया गया उत्तराखंड

देहरादून | 22 अक्टूबर, 2026

उत्तराखंड में वांछित और इनामी अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत देहरादून पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। डोईवाला पुलिस और एसओजी ग्रामीण की संयुक्त टीम ने चोरी के एक मामले में करीब चार साल से फरार चल रहे 50 हजार रुपये के इनामी आरोपी रवि ग्वाला को पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी से गिरफ्तार किया है। आरोपी पर वर्ष 2022 में डोईवाला क्षेत्र में पांच लाख रुपये की चोरी की घटना में शामिल होने का आरोप है।

पुलिस के अनुसार, आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था। उसे 18 अक्टूबर 2026 को पश्चिम बंगाल स्थित उसके आवास से गिरफ्तार किया गया।

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बैंक से निकाले पांच लाख रुपये की हुई थी चोरी

पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, 12 सितंबर 2022 को डोईवाला निवासी लाखन सिंह ने कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, वह बैंक से पांच लाख रुपये निकालकर घर जा रहे थे। इसी दौरान बाजार में सब्जी खरीदने के लिए एक ठेली पर रुके। तभी अज्ञात चोर ठेली पर रखा रुपयों से भरा बैग लेकर फरार हो गए।

शिकायत के आधार पर कोतवाली डोईवाला में मुकदमा संख्या 322/2022 दर्ज कर भारतीय दंड संहिता की धारा 379 के तहत मामला दर्ज किया गया था।

पहले गिरफ्तार हुआ था आरोपी का साथी

पुलिस ने मामले की जांच के दौरान चोरी की घटना का खुलासा करते हुए मंजीत ग्वाला को गिरफ्तार किया था। पुलिस के अनुसार, उसके कब्जे से चोरी की रकम बरामद हुई थी। पूछताछ और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर रवि ग्वाला की कथित संलिप्तता भी सामने आई।

इसके बाद रवि ग्वाला को मुकदमे में वांछित किया गया। पुलिस ने उसकी तलाश में संभावित ठिकानों और पश्चिम बंगाल स्थित उसके आवास पर दबिश दी, लेकिन वह लगातार ठिकाने बदलकर गिरफ्तारी से बचता रहा।

पहले 25 हजार, फिर 50 हजार रुपये का हुआ इनाम

आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जाने के बावजूद सफलता नहीं मिलने पर देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक की ओर से उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। इसके बाद भी आरोपी का पता नहीं चलने पर गढ़वाल परिक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक की ओर से इनाम बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दिया गया।

पुलिस के मुताबिक, कोतवाली डोईवाला और एसओजी ग्रामीण की संयुक्त टीम ने सर्विलांस और मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपी का पता लगाया। इसके बाद 18 अक्टूबर 2026 को उसे जलपाईगुड़ी, पश्चिम बंगाल स्थित उसके आवास से गिरफ्तार कर लिया गया।

ट्रांजिट रिमांड पर देहरादून लाई गई पुलिस टीम

गिरफ्तारी के बाद आरोपी को जलपाईगुड़ी के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) के समक्ष पेश किया गया। पुलिस ने उसका ट्रांजिट रिमांड प्राप्त कर उसे कोतवाली डोईवाला पहुंचाया। पुलिस के अनुसार, आरोपी को संबंधित न्यायालय में पेश किया जा रहा है।

गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम

इस कार्रवाई में एसओजी ग्रामीण के प्रभारी निरीक्षक खुशी राम पांडेय, कोतवाली डोईवाला के वरिष्ठ उपनिरीक्षक सचिन पुंडीर, सहायक उपनिरीक्षक मनोज कुमार, कांस्टेबल विपिन कुमार, एसओजी ग्रामीण के कांस्टेबल कुलदीप सिंह और कांस्टेबल सोनी कुमार शामिल रहे। देहरादून पुलिस के अनुसार, ऑपरेशन प्रहार के तहत वांछित और इनामी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई जारी है।

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The India Vox

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Chief Editor

Ravi Priyanshu

Ravi Priyanshu is a journalist, novelist, and Founder & Editor-in-Chief of The India Vox. With 23+ years of experience, he is dedicated to credible journalism and meaningful storytelling.

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