नवरात्र से पहले FDA की बड़ी कार्रवाई: कुट्टू के आटे की खुले में बिक्री पर लगा प्रतिबंध
देहरादून, 12 सितंबर। नवरात्र और त्योहारी सीजन को देखते हुए, साथ ही हाल के दिनों में आटे में मिलावट के सामने आए मामलों के बाद, उत्तराखंड सरकार ने खाद्य सुरक्षा पर सख्ती बरतते हुए बड़ा कदम उठाया है। अब कुट्टू का आटा बेचने के लिए लाइसेंस या पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने स्पष्ट किया है कि कुट्टू का आटा केवल पैकिंग में ही बेचा जाएगा—खुले में बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
एफडीए आयुक्त डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि हाल ही में मिलावट के मामलों ने उपभोक्ताओं की सेहत पर खतरे की घंटी बजा दी है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है, ताकि उपभोक्ताओं को सुरक्षित और गुणवत्ता युक्त उत्पाद मिल सके। पैकेट पर पैकिंग तिथि, अंतिम उपयोग की तिथि, निर्माता का पता और लाइसेंस नंबर का स्पष्ट रूप से अंकित होना अनिवार्य होगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी ने यह भी साफ किया कि यह अभियान महज औपचारिकता नहीं है। मिलावटी और असुरक्षित खाद्य पदार्थों पर शिकंजा कसने के लिए ठोस रणनीति बनाई गई है और छोटे-बड़े सभी कारोबारियों पर कार्रवाई की जाएगी। नवरात्र से पहले दुकानों और स्टोरों की पहचान कर विशेष जांच अभियान चलाया जाएगा। त्योहार के दौरान औचक निरीक्षण होंगे, जबकि हर जिले में क्विक रिस्पॉन्स टीम तैनात की जाएगी, जो आटे से बीमार पड़ने की किसी भी शिकायत पर तुरंत कार्रवाई करेगी। विभाग ने जनता से भी अपील की है कि मिलावट का शक होने पर तुरंत FDA (एफडीए) को सूचना दें, ताकि दोषियों पर समय रहते कार्रवाई हो सके।

