सरकारी जमीन पर कब्जे और फर्जी भूमि हस्तांतरण की शिकायतों पर प्राथमिकता से कार्रवाई के निर्देश
देहरादून | 25 सितंबर, 2026
गढ़वाल मंडल में भूमि संबंधी धोखाधड़ी, सरकारी जमीन पर अतिक्रमण और फर्जी दस्तावेजों के जरिए भूमि हस्तांतरण के मामलों को लेकर लैंड फ्रॉड समन्वय समिति की बैठक में सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए। आयुक्त गढ़वाल मंडल आनंद स्वरूप की अध्यक्षता में हुई बैठक में कुल 56 प्रकरणों की समीक्षा की गई।
बैठक में सामने आए मामलों में से 12 प्रकरणों का निस्तारण किया गया, जबकि 8 मामलों में प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश दिए गए। वहीं एक मामले में SIT जांच के आदेश दिए गए हैं। शेष 35 मामलों में संबंधित अधिकारियों को विस्तृत जांच कर तथ्यात्मक आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
सरकारी जमीन पर कब्जे की शिकायतों पर प्राथमिकता से कार्रवाई
आयुक्त आनंद स्वरूप ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकारी भूमि पर कब्जे और अतिक्रमण से जुड़ी शिकायतों को गंभीरता से लिया जाए। उन्होंने कहा कि भूमि संबंधी मामलों में निष्पक्ष जांच के साथ दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने राजस्व, पुलिस, नगर निकाय, एमडीडीए और अन्य संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए। पुलिस अधिकारियों से कहा गया कि भूमि धोखाधड़ी से जुड़े मामलों में तहरीर मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए और प्रथमदृष्टया संज्ञेय अपराध पाए जाने पर मुकदमा दर्ज किया जाए।
हरिद्वार से देहरादून तक कई मामलों की समीक्षा
बैठक में हरिद्वार के बहादराबाद क्षेत्र में ग्राम सभा की भूमि पर खेती किए जाने के मामले की भी समीक्षा हुई। आयुक्त ने यह पता लगाने के निर्देश दिए कि भूमि पर खेती की अनुमति किसके निर्देश पर दी गई। संबंधित फसल को नियमानुसार कुर्क करने की कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए।
हरिद्वार में केसर हिंद के नाम दर्ज भूमि के अन्य व्यक्तियों के नाम हस्तांतरण के मामले में भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया, राजस्व अभिलेखों और संबंधित दस्तावेजों की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया। वहीं कनखल के एक लैंड फ्रॉड मामले में संबंधित प्रॉपर्टी डीलर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश दिए गए।
देहरादून के भारूवाला क्षेत्र में एंग्लो इंडियन एवं डोमिसाइल समिति की करीब 70 बीघा भूमि अन्य व्यक्तियों के नाम स्थानांतरित होने के मामले में भी विस्तृत जांच के निर्देश दिए गए। संबंधित समिति के अधिनियम और बायलॉज का परीक्षण करने के साथ भूमि हस्तांतरण की पूरी प्रक्रिया की जांच करने को कहा गया।
राजपुर रोड स्थित बहुउद्देशीय वित्तीय विकास निगम की भूमि से जुड़े मामले में नगर निगम को अभिलेखों सहित विस्तृत रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा कोटद्वार और पौड़ी में बिना अनुमति प्लॉटिंग तथा निर्धारित सीमा से अधिक भूमि विक्रय के मामलों की भी जांच के निर्देश दिए गए।
पुराने राजस्व रिकॉर्ड भी खंगालने के निर्देश
आयुक्त ने अधिकारियों से कहा कि भूमि विवादों की जांच केवल मौजूदा रिकॉर्ड के आधार पर न की जाए। जरूरत पड़ने पर पुराने राजस्व अभिलेख, खसरा-खतौनी, नक्शे, रजिस्ट्री और अन्य दस्तावेजों का भी परीक्षण किया जाए, ताकि भूमि के वास्तविक स्वामित्व और हस्तांतरण की स्थिति स्पष्ट हो सके।
उन्होंने कहा कि लैंड फ्रॉड के मामलों में विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है, ताकि शिकायतों पर समयबद्ध और प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
बैठक में वन विभाग, नगर निगम, पुलिस, राजस्व, एमडीडीए समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। गढ़वाल मंडल के विभिन्न जिलों के जिलाधिकारी, उप जिलाधिकारी और संबंधित अधिकारी वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल हुए।
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