MAD NGO ने देहरादून-ऋषिकेश रोड पर पेड़ों की सामूहिक कटाई रुकवाई
Dehradun, 24 September: देहरादून-ऋषिकेश चार लेन परियोजना के नाम पर हो रही अनावश्यक वनों की कटाई को एक युवा NGO मेकिंग अ डिफरेंस बाय बीइंग द डिफरेंस (MAD by BTD) ने समय रहते रोक दिया। रविवार रात बारकोट वन रेंज में 50 से अधिक पेड़ काटे जाने की खबर से शहरवासी स्तब्ध थे। सोमवार सुबह जैसे ही और पेड़ों के जोखिम की सूचना मिली, MAD NGO की टीम तुरंत मौके पर पहुँची और हालात पलट दिए।
हाई कोर्ट से इस परियोजना पर पहले से स्टे होने के बावजूद 300 मीटर में करीब 165 पेड़ काटने का आदेश जारी किया गया था। इनमें साल, पीपल, पिलखन, तून, रोहिणी, अमलतास जैसी पारिस्थितिक दृष्टि से महत्वपूर्ण प्रजातियां, साथ ही जामुन और शहतूत जैसे फलदार पेड़ शामिल थे। इतनी बड़ी संख्या में पेड़ काटे जाने से मिट्टी की जलधारण क्षमता खत्म होने, भू-स्खलन और अचानक बाढ़ का खतरा बढ़ने की आशंका थी।
NHAI ने दिया कटाई रोकने का आश्वासन
MAD NGO के युवाओं ने मौके पर वन अधिकारियों से बात की और NHAI के परियोजना निदेशक पंकज कुमार मौर्या से सीधे संपर्क किया। 15 मिनट की प्रभावी बातचीत के बाद उन्होंने पेड़ों की कटाई रोकने का आश्वासन लिया। उनकी सूझबूझ से न केवल सौ से ज्यादा पेड़ बच गए, बल्कि विकास परियोजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही का सवाल भी जोर से उठा।
MAD NGO टीम के सदस्य आशीष, आर्यन, इंदर, खुशी और विवेक ने घटनास्थल से लौटते हुए कहा कि यह जीत सिर्फ पर्यावरण की नहीं, बल्कि पूरे शहर के भविष्य की रक्षा है।
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