शिमला बाईपास, पौंधा, मसूरी और विधौली में सात स्थानों पर चला अभियान; अवैध प्लॉटिंग, निर्माण और बिना जरूरी स्वीकृति संचालित व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई।
देहरादून | 26 अक्टूबर, 2026
देहरादून में अवैध प्लॉटिंग और बिना स्वीकृति संचालित व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के खिलाफ मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने सख्ती बढ़ा दी है। प्राधिकरण की टीम ने शिमला बाईपास, पौंधा, मसूरी और विधौली में अभियान चलाकर सात स्थानों पर कार्रवाई की। इस दौरान करीब 20 बीघा भूमि पर की जा रही अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त किया गया, जबकि पौंधा में 30 से 40 बीघा जमीन पर की जा रही प्लॉटिंग को सील किया गया। इसके अलावा मसूरी में अवैध निर्माण और विधौली में बिना आवश्यक स्वीकृति संचालित कैफे व दुकानों के खिलाफ भी सीलिंग की कार्रवाई की गई।
एमडीडीए की इस कार्रवाई का उद्देश्य अनधिकृत निर्माण और प्लॉटिंग पर रोक लगाने के साथ शहर एवं आसपास के क्षेत्रों में नियोजित विकास सुनिश्चित करना है।
शिमला बाईपास पर 20 बीघा प्लॉटिंग ध्वस्त, पौंधा में 40 बीघा तक जमीन सील
एमडीडीए के अनुसार, मेदनीपुर, शिमला बाईपास रोड, ढकरानी, हरबर्टपुर क्षेत्र में गौरव रावत की करीब 20 बीघा भूमि पर की जा रही अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई।
वहीं, पौंधा रोड पर राजेंद्र अग्रवाल की करीब 30 से 40 बीघा भूमि पर की जा रही प्लॉटिंग के मामले में प्राधिकरण ने सीलिंग की कार्रवाई की। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया कि बिना जरूरी स्वीकृति के प्लॉटिंग विकसित करने के मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
मसूरी में अवैध निर्माण पर कार्रवाई
मसूरी के विन्सेन्ट हिल, क्रेग टॉप एस्टेट, वैवरली और हाथीपांव रोड क्षेत्र में अरुण सहगल तथा निर्माणकर्ता राहुल रोहानी से संबंधित अवैध निर्माण के मामले में सीलिंग की कार्रवाई की गई।
प्राधिकरण के अनुसार, पर्वतीय क्षेत्रों में निर्माण के दौरान स्वीकृत मानचित्र और निर्धारित नियमों का पालन करना आवश्यक है। बिना जरूरी अनुमति के किए जा रहे निर्माण पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
विधौली में यूपीईएस के पास कैफे और दुकानें सील
विधौली स्थित यूपीईएस कॉलेज के निकट एमडीडीए ने पांच स्थानों पर सीलिंग की कार्रवाई की। इनमें अक्षय पंवार का कैफे, रवि शंकर का कैफे एवं दुकान, गायत्री शर्मा की बिना स्वीकृत मानचित्र के संचालित दुकान और माही कैफे शामिल हैं।
प्राधिकरण ने संबंधित प्रतिष्ठानों को सील करते हुए स्पष्ट किया कि व्यावसायिक गतिविधियां संचालित करने के लिए जरूरी स्वीकृतियों और निर्धारित नियमों का पालन करना अनिवार्य है।
अधिकारियों और पुलिस बल की मौजूदगी में चला अभियान
कार्रवाई के दौरान संबंधित क्षेत्रीय सहायक अभियंता, अवर अभियंता, सुपरवाइजर और पुलिस बल मौजूद रहे। एमडीडीए ने कहा कि अवैध प्लॉटिंग, अनधिकृत निर्माण और बिना आवश्यक स्वीकृति संचालित प्रतिष्ठानों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
एमडीडीए उपाध्यक्ष बोले—नियम तोड़ने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में सुनियोजित विकास सुनिश्चित करना और अवैध निर्माण व अनधिकृत प्लॉटिंग पर प्रभावी अंकुश लगाना प्राथमिकता है। नियमों की अनदेखी कर प्लॉटिंग करने या बिना स्वीकृति निर्माण करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने आमजन से अपील की कि किसी भी भूखंड को खरीदने से पहले उसके स्वीकृत लेआउट, मानचित्र और संबंधित अनुमतियों की जांच अवश्य करें। इससे भविष्य में कानूनी और आर्थिक परेशानियों से बचा जा सकता है।
अवैध निर्माण पर नियमित निगरानी: एमडीडीए सचिव
प्राधिकरण के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि अवैध निर्माण और अनधिकृत व्यावसायिक गतिविधियों पर नियमित निगरानी की जा रही है। क्षेत्रीय अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में निगरानी बनाए रखने तथा उल्लंघन सामने आने पर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने नागरिकों से भी अपील की कि भवन निर्माण या व्यावसायिक गतिविधियां शुरू करने से पहले सभी जरूरी स्वीकृतियां प्राप्त करें। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।
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