त्योहारों की मिठास में मिलावट का ज़हर
दून में 50 क्विंटल संदिग्ध रसगुल्ले बरामद, स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप
Dehradun, 14 October: त्योहारों की रौनक के बीच राजधानी देहरादून से ऐसी खबर आई है जिसने मिठास में कड़वाहट घोल दी है। पटेल नगर थाना क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एक इमारत के बेसमेंट से करीब 50 क्विंटल रसगुल्ले बरामद किए हैं। यह बेसमेंट ग़ैरकानूनी मिठाई गोदाम के रूप में इस्तेमाल हो रहा था, जहाँ अलग-अलग ब्रांड के रसगुल्ले बड़े पैमाने पर स्टोर किए गए थे।
सिर्फ ₹111.76 प्रति किलो में रसगुल्ले
जांच में खुलासा हुआ कि इन रसगुल्लों की कीमत ₹111.76 प्रति किलो दर्ज थी, जो बाजार भाव से काफी कम है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इतनी सस्ती मिठाई वाकई खाने लायक है? स्वास्थ्य विभाग को भी यही शंका खल रही है। टीम ने मौके से रसगुल्ले के सैंपल लेकर लैब जांच के लिए भेज दिए हैं।
15 दुकानों तक सप्लाई, पर कोई पता नहीं
प्रारंभिक जांच में पाया गया कि यह गोदाम शहर की करीब 15 मिठाई दुकानों को रसगुल्ले की सप्लाई करता था। लेकिन हैरानी की बात यह है कि रसीदों में केवल दुकानों के नाम दर्ज हैं, उनके पते नहीं। सूची में देहरादून से लेकर कालसी तक कई दुकानों के नाम शामिल हैं, जिससे यह नेटवर्क काफी बड़ा और संगठित प्रतीत होता है।
स्वास्थ्य विभाग की बड़ी कार्रवाई
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बेसमेंट को सील कर दिया है और पूरे नेटवर्क की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि त्योहारों के मौसम में मिठाइयों की मांग बढ़ते ही मिलावटखोर सक्रिय हो जाते हैं। उनका कहना है कि उपभोक्ताओं को सस्ती मिठाई के लालच में नहीं पड़ना चाहिए। बाजार में जो बहुत सस्ता दिखे, वह अक्सर सबसे असुरक्षित होता है।
त्योहारों की मिठास पर साया
यह कार्रवाई त्योहारों से पहले उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ी चेतावनी है। क्योंकि हर चमकदार डिब्बे में भरा रसगुल्ला, शुद्धता की गारंटी नहीं देता। त्योहारों की मिठास के बीच अब सवाल उठ रहा है: “दिखने में मीठा, पर कितना सुरक्षित?” इस सवाल का जवाब तो विभाग द्वारा जांच में भेजे गए सैंपल की रिपोर्ट के बाद ही मिल पाएगा।
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