उत्तराखण्ड में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता की नई पहल

मानसिक स्वास्थ्य पर कार्य करेगा उत्तराखण्ड मनोवैज्ञानिक संस्थान

मानसिक स्वास्थ्य चुनौतियों के बीच उत्तराखण्ड मनोवैज्ञानिक संस्थान का पुनर्गठन

Dehradun, 10 September: तेज़ी से बदलते सामाजिक और शैक्षिक परिदृश्य, बढ़ती मानसिक समस्याओं, विशेष आवश्यकता वाले बच्चों (सी.डब्ल्यू.एस.एन.) की चुनौतियों तथा आत्महत्या से जुड़े संकटों ने मानसिक स्वास्थ्य को लेकर चिंता और गहरी कर दी है। ऐसे हालात में संस्थाओं और विशेषज्ञों की भूमिका और भी अहम हो जाती है। इसी पृष्ठभूमि में उत्तराखण्ड मनोवैज्ञानिक संस्थान (रजि) का पुनर्गठन किया गया, ताकि समाज के हर वर्ग तक परामर्श, मार्गदर्शन और मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता को अधिक प्रभावी ढंग से पहुँचाया जा सके।

सुसाइड रोकधाम और नशा मुक्ति अभियान को नई दिशा

विश्व सुसाइड रोकधाम दिवस (World Suicide Prevention Day) की पूर्व संध्या पर राजधानी देहरादून स्थित एक निजी अतिथि गृह में उत्तराखण्ड मनोवैज्ञानिक संस्थान (रजि) का पुनर्गठन एवं सशक्तिकरण समारोह सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर संस्थान की पूर्व संस्थापक श्रीमती सोनिया लूथरा सहित वरिष्ठ सदस्य, शिक्षाविद् और मनोविज्ञान क्षेत्र से जुड़े विद्वान उपस्थित रहे।

मानसिक स्वास्थ्य चुनौतियों के बीच उत्तराखण्ड मनोवैज्ञानिक संस्थान का पुनर्गठन, डॉ. देवेंद्र ढल्ला बने अध्यक्ष

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डॉ. देवेंद्र ढल्ला बने अध्यक्ष

वरिष्ठ मनोवैज्ञानिक, परामर्शदाता एवं शिक्षाविद् डॉ. देवेंद्र ढल्ला को सर्वसम्मति से संस्थान का अध्यक्ष चुना गया।
संस्थान की स्थापना वर्ष 2010 में हुई थी और तब से मानसिक स्वास्थ्य जन-जागरूकता, विद्यार्थियों व शिक्षकों के मार्गदर्शन तथा समाज में मनोविज्ञान की भूमिका को सशक्त करने का कार्य कर रहा है।

क्यों ज़रूरी हुआ पुनर्गठन

पिछले पन्द्रह वर्षों में संस्थान ने हज़ारों विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों तक पहुँच बनाई है। तेज़ी से बदलते सामाजिक परिदृश्य, बढ़ती मानसिक समस्याएँ, विशेष आवश्यकता वाले बच्चों (CWSN) की चुनौतियाँ और सुसाइड रोकधाम की जरूरतों को देखते हुए संस्थान का पुनर्गठन किया गया। संस्थापक सोनिया लूथरा ने कहा कि साल 2010 से संस्थान निरंतर मानसिक स्वास्थ्य पर कार्यरत है। अब पुनर्गठन के साथ डॉ. ढल्ला के नेतृत्व में यह और अधिक सशक्त होकर आगे बढ़ेगा।

परिवार परामर्श और संवाद पर ज़ोर

डॉ. ढल्ला ने कहा कि आज माता-पिता और बच्चों के बीच संवाद की कड़ी लगातार कम हो रही है। यही दूरी तनाव, अवसाद, आक्रामकता और आत्महत्या जैसे संकटों को जन्म देती है। संस्थान का प्रयास रहेगा कि परिवार को संवादात्मक मंच पर लाकर रिश्तों को मज़बूत किया जाए।

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इन बिंदुओं पर कार्य करेगा संस्थान

  • विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए विशेष परामर्श।
  • विद्यालयों में सर्वसमावेशी शिक्षा हेतु शिक्षकों का प्रशिक्षण।
  • अभिभावक मार्गदर्शन शिविर।
  • युवाओं में तनाव, चिंता व अवसाद पर संवाद।
  • परिवार परामर्श और पीढ़ीगत दूरी कम करना।
  • सुसाइड रोकधाम व नशा मुक्ति अभियान।
  • ग्रामीण क्षेत्रों में सामुदायिक मानसिक स्वास्थ्य शिविर।
  • शिक्षकों के लिए मनोवैज्ञानिक प्रशिक्षण और तनाव प्रबंधन।
  • राज्य स्तरीय मानसिक स्वास्थ्य अध्ययन और सर्वेक्षण।
  • व्यवसायिक परामर्श और जीवन कौशल प्रशिक्षण।
  • डिजिटल संयम और आक्रामकता नियंत्रण अभियान।

नई कार्यकारिणी का गठन

पुनर्गठन के अंतर्गत नई कार्यकारिणी का गठन भी किया गया। जिसके तहत निम्न को विभिन्न पदों की जिम्मेदारी सौंपी गई।

  1. सोनिया लूथरा, संरक्षक
  2. डॉ. देवेंद्र ढल्ला, अध्यक्ष
  3. पारस, सदस्य
  4. अंजू पाल, सदस्य
  5. अंजना शर्मा, सदस्य
  6. अभिषेक धीमान, सदस्य
  7. अन्य सक्रिय सदस्य

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Chief Editor

Ravi Priyanshu

Ravi Priyanshu is a journalist, novelist, and Founder & Editor-in-Chief of The India Vox. With 23+ years of experience, he is dedicated to credible journalism and meaningful storytelling.

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