Railway New Rules: अब आखिरी समय पर टिकट कैंसिल किया तो नहीं मिलेगा पैसा!
Dehradun, 25 March: यात्रा का प्लान बदला और आपने सोचा—“चलो, आखिरी समय में टिकट कैंसिल कर देंगे”… तो अब सावधान हो जाइए। भारतीय रेल के नए नियम आपकी जेब पर सीधा असर डाल सकते हैं। अगर आपने समय रहते टिकट रद्द नहीं किया, तो पूरा किराया गंवाना पड़ सकता है। इसलिए अब सिर्फ यात्रा ही नहीं, कैंसिलेशन का टाइम भी प्लान करना उतना ही जरूरी हो गया है।
15 अप्रैल तक लागू हो जाएगी व्यवस्था
भारतीय रेल ने टिकट कैंसिलेशन को लेकर नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब आखिरी समय में टिकट रद्द करना यात्रियों को महंगा पड़ेगा। नए नियमों के अनुसार, ट्रेन छूटने से 8 घंटे के भीतर टिकट कैंसिल करने पर कोई रिफंड नहीं मिलेगा—यानी पूरा किराया जब्त हो जाएगा। यह व्यवस्था 1 से 15 अप्रैल 2026 के बीच चरणबद्ध तरीके से लागू की जा रही है।
कैसे कटेगा पैसा: समझिए नया नियम
- 72 घंटे से पहले कैंसिलेशन:
इस स्थिति में यात्रियों को राहत है। केवल न्यूनतम चार्ज काटकर बाकी रकम वापस मिल जाएगी। - 72 से 24 घंटे के बीच:
टिकट रद्द करने पर कुल किराए का लगभग 25% कटेगा। - 24 से 8 घंटे के बीच:
यहां नुकसान बढ़ जाता है। करीब 50% तक किराया कट सकता है। - 8 घंटे से कम समय या ट्रेन छूटने के बाद:
इस स्थिति में कोई रिफंड नहीं मिलेगा। पूरा पैसा जब्त माना जाएगा।
क्या है सबसे बड़ा बदलाव?
अब तक ट्रेन छूटने से 4 घंटे पहले तक कैंसिलेशन पर कुछ रिफंड की संभावना रहती थी, लेकिन नई व्यवस्था में यह सीमा बढ़ाकर 8 घंटे कर दी गई है। यानी यात्रियों को अब पहले से ज्यादा सतर्क रहना होगा।
TDR से मिल सकती है राहत
अगर किसी वजह से यात्रा नहीं हो पाती, तो यात्री TDR (Ticket Deposit Receipt) दाखिल कर सकते हैं। हालांकि, इसमें रिफंड मिलना पूरी तरह रेलवे के नियमों और जांच पर निर्भर करेगा—हर मामले में पैसा वापस मिले, यह जरूरी नहीं।
एजेंटों पर सख्ती: क्यों लाया गया नया नियम?
इन बदलावों के पीछे रेलवे की बड़ी रणनीति सामने आई है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के मुताबिक, जांच में पाया गया कि कई एजेंट और कालाबाजारी करने वाले लोग बड़ी संख्या में टिकट बुक कर लेते थे। उनका मकसद यह होता था कि अगर टिकट ऊंचे दाम पर नहीं बिके, तो वे आखिरी समय में कैंसिल करके नुकसान कम कर लें।
व्यवस्था की इसी खामी को बंद करने के लिए अब 8 घंटे वाला सख्त नियम लागू किया गया है। इससे एजेंटों की मनमानी पर रोक लगेगी और असली यात्रियों को कन्फर्म टिकट मिलने की संभावना बढ़ेगी।
यात्रियों के लिए सलाह
अगर यात्रा को लेकर थोड़ी भी अनिश्चितता है, तो टिकट समय रहते रद्द करना बेहतर होगा। आखिरी समय का इंतजार करने पर सीधा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

