रोटरी क्लब, दिल्ली साउथ के बीच की गई साझेदारी की ऐतिहासिक उपलब्धि
पलवल। आज श्री सत्य साई संजीवनी हॉस्पिटल (एसएसएसएच), पलवल ने अपनी पीडियाट्रिक हैल्थकेयर पार्टनरशिप के अंतर्गत 100 से अधिक हार्ट सर्जरी पूरी करने की उपलब्धि हासिल की। ये हार्ट सर्जरी रोटरी क्लब ऑफ दिल्ली साउथ (आरसीडीएस) के साथ पार्टनरशिप में बिल्कुल मुफ्त की गईं। एसएसएसएच और आरसीडीएस के बीच इस पार्टनरशिप के अंतर्गत वंचित परिवारों के जन्मजात हार्ट डिफेक्ट वाले बच्चों का मुफ्त इलाज किया जाता है।
श्री विवेक एन. गौर, फाउंडिंग ट्रस्टी, श्री सत्य साई संजीवनी हॉस्पिटल ने इस अवसर पर कहा श्री सत्य साई संजीवनी में हम सबका विश्वास है कि बेहतर क्वालिटी की हैल्थकेयर पर सभी लोगों का अधिकार है। यह केवल पैसे वालों के लिए नहीं है। रोटरी क्लब, दिल्ली साउथ के सहयोग से 100 सर्जरी पूरी करने की उपलब्धि प्रदर्शित करती है कि जब क्लिनिकल एक्सिलेंस और दयालु जनसेवा आपस में मिलते हैं, तो कितने बड़े काम किए जा सकते हैं। हम न केवल बच्चों के दिलों का मुफ्त इलाज कर रहे हैं, बल्कि उन्हें एक लंबा जीवन और अवसर भी प्रदान कर रहे हैं।
डॉ. सुनील चेची, प्रेसिडेंट, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने हॉस्पिटल और नागरिक समूह के बीच इस सहयोग की सराहना करते हुए कहा, ‘‘विश्वस्तर की पीडियाट्रिक कार्डियेक सर्जरी को ऐसे इन्फ्रास्ट्रक्चर से जोड़ना बहुत सराहनीय है, जो पूरी तरह से स्वयंसेवा और कॉर्पोरेट सहयोग पर आधारित है। सत्य साई संजीवनी की मेडिकल टीम और रोटरी क्लब भारत में सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं के नए मानक स्थापित कर रहे हैं।
पूर्व प्रेसिडेंट नितिन मेहता, चेयरमैन, ‘गिफ्ट ऑफ लाईफ’ प्रोजेक्ट, रोटरी क्लब ऑफ बॉम्बे एयरपोर्ट ने 2025-26 के लिए 370,000 अमेरिकी डॉलर की ग्लोबल ग्रांट प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इस अवसर पर हॉस्पिटल में वो भी मौजूद थे। उन्होंने कहा, ‘‘हर सफल सर्जरी हमें और ज्यादा मेहनत करने के लिए प्रेरित करती है। इस साल हमारा उद्देश्य अपने ग्लोबल ग्रांट फंड को बढ़ाकर दोगुने तक ले जाना है। हम रोटरी के सामूहिक प्रयासों की मदद से उन बच्चों को गिफ्ट ऑफ लाईफ देते रहेंगे, जिनकी जान बचाने के लिए कोई दूसरी मदद उपलब्ध नहीं होती है।’’
रोटेरियन कृति माखीजा, प्रोजेक्ट लीडर, ‘गिफ्ट ऑफ लाईफ’, आरसीडीएस ने कहा, ‘‘ये बच्चे असली हीरो हैं। सर्जरी के बाद उन्हें मुस्कुराते हुए देखना ही हमारी सबसे बड़ी उपलब्धि है। हमें खुशी है कि हम अपनी शुरुआत से अब तक 500 से अधिक बच्चों का इलाज कर चुके हैं। हम लगातार अपनी फंडरेजिंग बढ़ा रहे हैं। हम ग्लोबल ग्रांट, क्राउडफंडिंग तथा एसीआरई और वंदना इंटरनेशनल जैसी और महत्वपूर्ण सीएसआर पार्टनरशिप्स की मदद ले रहे हैं। हमारा लक्ष्य है कि कोई भी बच्चा वित्तीय बाधाओं के कारण जीवनरक्षक हार्ट सर्जरी से वंचित न रह जाए।’’
इस उपलब्धि की खुशी में एसएसएसएच पलवल परिसर में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें एसएसएसएच के फाउंडिंग ट्रस्टी, विवेक एन. गौर, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के प्रेसिडेंट, डॉ. सुनील चेची, ए.के.एस. नितिन मेहता, रोटरी क्लब ऑफ बॉम्बे एयरपोर्ट तथा प्रो. डॉ. मनीष धवन, अध्यक्ष, रोटरी क्लब ऑफ दिल्ली साउथ और आरसीडीएस के सदस्य उपस्थित थे। रोटरी के फ्लैगशिप ग्लोबल अभियान ‘गिफ्ट ऑफ लाईफ’ के अंतर्गत साल 2023-24 में शुरू हुई इस मेडिकल-सिविल पार्टनरशिप ने बिल्कुल मूल स्तर पर जाकर पीडियाट्रिक कार्डियेक केयर को मजबूत बनाया है।
इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण मुख्य अतिथि और क्रिकेट आइकॉन, सुनील गावस्कर द्वारा जूम पर वर्च्युअल संबोधन था। गावस्कर ने श्री सत्य साईं हेल्थ एंड एजुकेशन ट्रस्ट के ट्रस्टी के रूप में आगंतुकों को पूरे देश में की जा रही मानव सेवा के बारे में विस्तार से बताकर उन्हें प्रेरित किया।
विवेक एन. गौर ने आगे कहा, “मांओं और बच्चों की केयर, जन्मजात हृदय विकारों के इलाज और महत्वपूर्ण व्यावसायिक कौशल के क्षेत्र में प्रदान की जा रही सेवा से हमारे समाज में परिवर्तन आ रहा है। मैं पूरी दुनिया के डोनर्स, रोटरी क्लब दिल्ली साउथ, रोटरी क्लब बॉम्बे एयरपोर्ट और सभी सहयोगी क्लब्स को बधाई देता हूँ। आप लोगों की उदारता और अटूट सहयोग से इन बच्चों को जिंदगी जीने का दूसरा मौका मिल रहा है। उन्होंने कहा कि इन डोनेशंस से उन बच्चों को जटिल बीमारियों का अत्याधुनिक और जीवन-रक्षक इलाज बिल्कुल निशुल्क मिलता है, जिनके परिवार विशेषज्ञ केयर का खर्च उठाने में सक्षम नहीं होते हैं।
भारत में बच्चों के स्वास्थ्य संकट
एसएसएसएच और आरसीडीएस के बीच यह पार्टनरशिप भारत में स्वास्थ्य सेवा की एक बड़ी चुनौती का समाधान कर रही है। भारत में पीडियाट्रिक कार्डियोलॉजी सेवाओं की उपलब्धता बहुत कम होने के साथ काफी महंगी भी है। स्वास्थ्य के इस संकट के बारे में डॉ. परमवीर सिंह, हेड, पीडियाट्रिक कार्डियोलॉजी, एसएसएसएच पलवल ने बताया कि भारत में हर साल 200,000 से अधिक बच्चे जन्मजात हृदय रोगों के साथ जन्म लेते हैं। इनमें से लगभग 70,000 बच्चों को पहले साल में ही सर्जरी की जरूरत पड़ती है।
डॉ. सिंह ने कहा, ‘‘गरीबी, विशेषज्ञ केयर की कमी और निदान में देर होने की वजह से हजारों बच्चों को समय पर इलाज नहीं मिल पाता है। इसलिए इस तरह की पार्टनरशिप जीवनरक्षक होती हैं। इनकी मदद से जरूरतमंद लोगों तक विश्वस्तर का इलाज बिल्कुल निशुल्क पहुँच पाता है।
एक दयावान वैश्विक सहयोग
रोटरी क्लब, दिल्ली साउथ ने आज तक ‘गिफ्ट ऑफ लाईफ’ प्रोजेक्ट के लिए लगभग 10 करोड़ रुपये का सहयोग दिया है। इस सहयोग की मदद से एसएसएसएच पलवल एवं अन्य सेंटर्स में हार्ट सर्जरी करने में मदद मिली है। यह फंड कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर), क्राउडफंडिंग और रोटरी के अंतर्राष्ट्रीय सहयोगों के माध्यम से एकत्रित किया जाता है।
इस कैम्पेन में रोटरी क्लब ऑफ बर्लिन इंटरनेशनल (जर्मनी), रोटरी क्लब ऑफ फोर्ट वेन (यूएसए), मुंबई और दिल्ली के रोटरी क्लब एवु रोटरी इंटरनेशनल के ‘वर्ल्ड फंड’ से मिलने वाली ग्रांट्स का सहयोग मिल रहा है।
श्री सत्य साई संजीवनी हॉस्पिटल और रोटरी क्लब, दिल्ली साउथ आने वाले साल में इस प्रोग्राम का लाभ आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के ज्यादा से ज्यादा परिवारों तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
श्री सत्य साई संजीवनी हॉस्पिटल ने 100 से अधिक बच्चों की बचाई जान







