देहरादून। उत्तराखण्ड में केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (CPWD) द्वारा कराए जा रहे ग्रीन बिल्डिंग सहित विभिन्न निर्माण कार्यों में कथित अनियमितताओं एवं गुणवत्ता संबंधी शिकायतों को लेकर आज उत्तराखण्ड क्रान्ति दल (UKD) के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय कार्यकारी अध्यक्ष जयप्रकाश उपाध्याय के नेतृत्व में सीपीडब्ल्यूडी के मुख्य अभियंता, उत्तराखण्ड देवेंद्र सिंह से मुलाकात की। इस दौरान दल के केंद्रीय महामंत्री राजेंद्र सिंह बिष्ट ने उत्तराखण्ड में सीपीडब्ल्यूडी द्वारा वर्तमान में कराए जा रहे समस्त निर्माण कार्यों का तकनीकी एवं वित्तीय ऑडिट कराने तथा ग्रीन बिल्डिंग परियोजनाओं में निर्धारित मानकों एवं निर्माण गुणवत्ता की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की।
महानगर अध्यक्ष देहरादून प्रबीन चन्द रमोला ने कहा कि जिन निर्माण कार्यों में अनियमितता पाई जाती है अथवा जो कंपनियां निर्धारित गुणवत्ता एवं तकनीकी मानकों पर खरी नहीं उतरती हैं, उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। दोषी कंपनियों को ब्लैकलिस्ट किया जाए तथा अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार अधिकारियों एवं संबंधित एजेंसियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराकर दोष सिद्ध होने पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक धन से होने वाले निर्माण कार्यों में पारदर्शिता, गुणवत्ता और जवाबदेही सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। इसलिए सभी संबंधित निर्माण कार्यों की स्वतंत्र तकनीकी जांच कराकर उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक की जानी चाहिए, ताकि जनता के धन के उपयोग में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।
प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। यदि जांच में गंभीर अनियमितताएं सामने आती हैं तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों, कंपनियों एवं एजेंसियों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। इस दौरान दल के केंद्रीय कार्यालय प्रभारी देवचंद उत्तराखंडी, केंद्रीय महामंत्री रघुवीर राणा, दल के वरिष्ठ नेता लतापथ हुसैन महानगर महामंत्री कपिल कुमार, जितेंद्र सिंह, संदीप रावत, अजय सिंह, यशपाल नेगी, आशुतोष भंडारी, राम भट्ट, अनिल राणा, टीकम राठौर सहित अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।







