विश्व बैंक से 680 करोड़ की सहायता, वित्तीय सुदृढ़ीकरण की दिशा में बड़ा कदम
Dehradun, 24 October: उत्तराखंड सरकार को वित्तीय प्रबंधन और सुशासन के क्षेत्र में बड़ी सफलता मिली है। राज्य को विश्व बैंक से करीब 680 करोड़ रुपये की सहायता मिलने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। केंद्र के वित्त मंत्रालय ने राज्य की महत्वाकांक्षी परियोजना “उत्तराखंड में बेहतर सेवा वितरण के लिए सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन सुदृढ़ीकरण” को विश्व बैंक के विचारार्थ भेज दिया है।
इस परियोजना का उद्देश्य राज्य में सरकारी योजनाओं और सेवाओं के लाभ को तेज़ी व पारदर्शिता से जनता तक पहुँचाना है। इसके तहत बजट प्रबंधन, लेखा प्रणाली, व्यय नियंत्रण, ई-गवर्नेंस और डिजिटल फाइनेंस मैनेजमेंट को नई दिशा और गति देने की तैयारी की जा रही है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि विश्व बैंक की यह सहायता उत्तराखंड के सुशासन और वित्तीय सुधारों की वैश्विक स्वीकृति है। हमारी प्राथमिकता है कि जनता के हित में खर्च होने वाला हर रुपया जिम्मेदारी और पारदर्शिता के साथ उपयोग हो। यह परियोजना राज्य की वित्तीय व्यवस्था को डिजिटल, सशक्त और परिणाममुखी बनाएगी।
परियोजना के मुख्य लाभ:
- सभी विभागों में रियल-टाइम मॉनिटरिंग और रिपोर्टिंग सिस्टम लागू किया जाएगा।
- राजकोषीय अनुशासन और वित्तीय डेटा पारदर्शिता को नई पहचान मिलेगी।
- ई-गवर्नेंस और डिजिटल फाइनेंस मैनेजमेंट को आधुनिक तकनीक से जोड़ा जाएगा।
- सेवा वितरण की गुणवत्ता और जवाबदेही में ठोस सुधार आएगा।
लोगों को होगा सीधा लाभ
परियोजना लागू होने के बाद राज्य की वित्तीय कार्यप्रणाली पूरी तरह डिजिटल और एकीकृत हो जाएगी। योजनाओं पर होने वाला व्यय अधिक पारदर्शी बनेगा और सरकारी सेवाओं की डिलीवरी तेज़ होगी।
वित्त विभाग के अनुसार, यह पहल उत्तराखंड को एक “डिजिटल गवर्नेंस स्टेट” के रूप में स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।
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