सितमगर सितंबर: उत्तराखंड पर आफत, 10 से ज्यादा मौत, कई लापता

सितमगर सितंबर: उत्तराखंड पर आफत, 10 से ज्यादा मौत, कई लापता

सितमगर सितंबर: देहरादून में तबाही का मंजर!

सितमगर सितंबर: उत्तराखंड पर सितंबर का सितम थमने का नाम नहीं ले रहा! उत्‍तरकाशी के धराली और चमोली के थराली में आपदा का जख्म अभी भरा भी नहीं था कि मंगलवार को मानसून ने देहरादून पर कहर बरपा दिया। कुछ ही घंटों में दून के बाहरी इलाकों में तबाही का ऐसा मंजर दिखा, जिसने लोगों में दहशत फैला दी।

सितमगर सितंबर: देहरादून में तबाही का मंजर!
सितमगर सितंबर: देहरादून में तबाही का मंजर!

प्रशासन रात से ही रेस्क्यू में जुटा, कई सड़कें ठप

Dehradun, 16 September: जाते-जाते मानसून उत्तराखंड पर कहर बनकर टूट पड़ा है। उत्‍तरकाशी के धराली और चमोली के थराली में आपदा का जख्म अभी भरा भी नहीं था कि मंगलवार को देहरादून के बाहरी इलाकों में बारिश ने तबाही मचा दी। सहस्रधारा में बादल फटने से पूरा बाजार मलबे में तब्दील हो गया, कई मकान-दुकानें उफनती लहरों में बह गईं और दो युवक लापता बताए जा रहे हैं। प्रेमनगर का पुल टूटा, दून-मसूरी मार्ग ठप और चारों ओर तबाही के आलम ने दून का हाल बेहाल कर दिया। प्रशासन रात से ही रेस्क्यू में जुटा है, लेकिन हालात काबू में नहीं आ रहे।

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मसूरी में कई होटल से पर्यटकों को सुरक्षित स्‍थानों पर ठहराया

मौसम की गंभीरता को देखते हुए मसूरी में सभी होटलों और होम स्टेज़ में पर्यटकों को आज यात्रा न करने की सलाह दी गई है। होटल एसोसिएशन ने पर्यटकों को मुफ्त में रहने की व्यवस्था की है। इसके अतिरिक्त, प्रशासन ने खतरनाक होटलों में ठहरे पर्यटकों को धर्मशालाओं और गुरुद्वारों जैसे सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित कर दिया है।

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सितमगर सितंबर: 10 से ज्यादा मौत, कई लापता

देहरादून में भयावह स्थिति

सोमवार रात को कारलीगाढ, सहस्त्रधारा में बादल फटने के कारण कई दुकानें बह गईं। हालांकि, अभी तक किसी जानमाल का नुकसान होने की सूचना नहीं है, लेकिन दो लोग लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश जारी है। जिला प्रशासन, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें जेसीबी और अन्य उपकरणों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं। दूसरी ओर मजाडा गांव में भी बादल फटने के कारण तीन लोगों के मलबे में दबे होने और एक व्यक्ति के घायल होने की सूचना है। एक अन्य व्यक्ति भी कल रात से लापता है। जानवरों के भी मलबे में दबे होने की जानकारी मिली है। जिलाधिकारी सविन बंसल और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने रात में ही घटनास्थल का दौरा किया और बचाव कार्यों का जायजा लिया।

दीवार गिरने से छात्र की मौत

देहरादून में बारिश का कहर यहीं नहीं थमा। डीआईटी कॉलेज के पास ग्रीन वैली पीजी की एक दीवार गिरने से एक छात्र बह गया, जिसकी मौके पर ही मौत हो गई। एसडीआरएफ की टीम ने छात्र का शव बरामद कर पुलिस को सौंप दिया है। मृतक की पहचान हापुड़ के रहने वाले 20 वर्षीय कैफ के रूप में हुई है।

NDRFSDRF की मदद से 70 लोग सुरक्षित, 13 की मौत

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टूटी सड़कें, संपर्क बाधित

लगातार हो रही बारिश के कारण कई जगहों पर भूस्खलन हुआ है, जिससे सड़कें बंद हो गई हैं। खाड़ी-गजा-देवप्रयाग मोटर मार्ग तीन जगहों पर बंद है, जबकि NH34 भन्नु गदेरे में धंस गया है। इन मार्गों को खोलने के लिए लोनिवि की टीमें काम कर रही हैं। जिलाधिकारी ने राहत कार्यों के लिए आपूर्ति अधिकारी को प्रभावित लोगों तक फूड पैकेट और राशन पहुंचाने का निर्देश दिया है, जबकि सीएमओ को आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराने को कहा गया है। पूरा जिला प्रशासन और आईआरएस सिस्टम से जुड़े विभाग अलर्ट मोड पर हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।

PM मोदी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से फोन पर बात कर हालात की जानकारी (फाइल फोटो)
PM नरेंद्र मोदी ने धामी से फोन पर बात कर ली हालातों की जानकारी (फाइल फोटो)

पीएम मोदी ने CM धामी से फोन पर ली जानकारी

उत्तराखंड में मूसलाधार बारिश और भूस्खलन से पैदा हुई गंभीर स्थिति पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने चिंता जताई है। दोनों नेताओं ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से फोन पर बात कर हालात की जानकारी ली और हर संभव मदद का आश्वासन दिया।केंद्र सरकार ने NDRF और SDRF की टीमों को सक्रिय कर राहत और बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं। सीएम धामी ने बताया कि प्रभावित इलाकों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने, भोजन और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम किया जा रहा है।

सितमगर सितंबर: 24 घंटे में सामान्य से 1136% ज्यादा बारिश दर्ज

देहरादून के लिए इस साल सितंबर महीना ‘सितमगर’ साबित हो रहा है। 24 घंटे में सामान्य से 1136% ज्यादा बारिश दर्ज की गई, जिससे कई इलाकों में तबाही मच गई। मौसम विभाग के अनुसार 5.4 मिमी की जगह 66.7 मिमी बारिश हुई। इतिहास देखें तो सितंबर 1924 में 212 मिमी बारिश का रिकॉर्ड दर्ज है। पिछले 15 सालों में सहस्त्रधारा, मालदेवता, रायवाला और रायपुर में चार बार बादल फटने से भारी तबाही हुई, जो इस खतरे की गंभीरता को दिखाता है।

 

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Ravi Priyanshu

Ravi Priyanshu is a journalist, novelist, and Founder & Editor-in-Chief of The India Vox. With 23+ years of experience, he is dedicated to credible journalism and meaningful storytelling.

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