मां का दावा—15 छात्राओं के हस्ताक्षर वाली शिकायत दी गई थी, बेटी से कथित व्यवहार करके दिखाने को कहा गया; स्कूल प्रबंधन ने कहा, शिकायत के अगले दिन शिक्षक को कर दिया था निलंबित
देहरादून, 23 अक्टूबर 2026
स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा और शिकायतों पर कार्रवाई को लेकर देहरादून के समरवैली स्कूल का मामला चर्चा में है। कक्षा 11 की एक छात्रा के साथ भौतिक विज्ञान के शिक्षक द्वारा कथित अनुचित व्यवहार किए जाने के आरोपों को लेकर शुक्रवार को स्कूल में हंगामा हुआ। छात्रा की मां ने शिक्षक पर करीब डेढ़ महीने तक परेशान करने और शिकायत के बाद स्कूल प्रबंधन पर बेटी को दबाव में लेने का आरोप लगाया है। वहीं, स्कूल के प्रधानाचार्य सोनू कुंद्रा का कहना है कि शिकायत मिलते ही अगले दिन संबंधित शिक्षक को निलंबित कर दिया गया था।
डेढ़ महीने से परेशान करने का आरोप
छात्रा की मां के अनुसार, शिक्षक करीब डेढ़ महीने से उनकी बेटी को परेशान कर रहे थे और उसके साथ अनुचित ढंग से छूने की घटनाएं हुईं। मां का दावा है कि कक्षा की अन्य छात्राएं भी शिक्षक के व्यवहार से परेशान थीं।
मां ने बताया कि शुरुआत में उन्होंने बच्चों के भविष्य और सामाजिक बदनामी की आशंका के चलते शिकायत नहीं की। 14 अक्टूबर को उनकी बेटी स्कूल देर से पहुंची थी। आरोप है कि इस दौरान शिक्षक उसे धक्का देते हुए प्रधानाचार्य के कक्ष तक ले गए। इसके बाद 15 अक्टूबर को मां ने प्रधानाचार्य को लिखित शिकायत सौंपी।
मां का दावा है कि शिकायत पर उनकी बेटी समेत कुल 15 छात्राओं के हस्ताक्षर थे।
छात्रा से कथित तौर पर कहा गया—करके दिखाओ
छात्रा की मां ने आरोप लगाया कि शिकायत के बाद प्रधानाचार्य ने बेटी की सुरक्षा का भरोसा दिया था। हालांकि, कुछ दिन बाद छात्रा को प्रधानाचार्य के कक्ष में बुलाया गया।
मां के मुताबिक, वहां बेटी से पूछा गया कि शिक्षक उसे किस तरह छूते थे और उसे करके दिखाने को कहा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षक की उम्र का हवाला देकर मामले को हल्का करने की कोशिश की गई।
मां का यह भी कहना है कि बेटी की पढ़ाई और बीच सत्र में दूसरे स्कूल में प्रवेश मिलने की कठिनाइयों का हवाला देकर उन्हें मामला आगे नहीं बढ़ाने के लिए दबाव में लेने की कोशिश हुई।
इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी के आधार पर नहीं हुई है।
शुक्रवार को स्कूल पहुंचने पर हुआ हंगामा
शुक्रवार को छात्रा की मां दोबारा स्कूल पहुंचीं। उनके आरोप के मुताबिक, उनके परिसर में रहते स्कूल का गेट बंद कर दिया गया और पुलिस को बुलाया गया।
मां ने पहले दी गई लिखित शिकायत दिखाने की मांग की, लेकिन उनका कहना है कि शिकायत उन्हें नहीं दिखाई गई। उन्होंने पुलिस से अपेक्षित सहयोग नहीं मिलने की बात भी कही।
मां के अनुसार, खेल से जुड़े कुछ बाहरी लोगों को भी मध्यस्थता के लिए बुलाया गया था। अब उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों और जिलाधिकारी से शिकायत करने की बात कही है। उनकी मांग है कि स्कूल प्रबंधन सार्वजनिक रूप से माफी मांगे।
स्कूल प्रबंधन ने क्या कहा?
समरवैली स्कूल के प्रधानाचार्य सोनू कुंद्रा ने कहा कि छात्र-छात्राओं की सुरक्षा स्कूल की प्राथमिकता है और इस तरह का कोई भी कृत्य अक्षम्य है।
उन्होंने बताया कि स्कूल को 15 अक्टूबर को शिकायत मिली थी और 16 अक्टूबर को संबंधित शिक्षक को निलंबित कर दिया गया था। प्रधानाचार्य ने यह भी कहा कि मामले को अनावश्यक रूप से बढ़ाया जा रहा है।
स्कूलों में शिकायतों की निष्पक्ष जांच क्यों जरूरी?
यह मामला स्कूलों में छात्राओं की सुरक्षा, शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया और शिकायत के बाद छात्रा के साथ किए जाने वाले व्यवहार पर सवाल खड़े करता है। ऐसे मामलों में शिकायतकर्ता की बात संवेदनशीलता से सुनना, उसकी निजता बनाए रखना और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है।
साथ ही, आरोपों की पुष्टि जांच के तथ्यों के आधार पर होनी चाहिए और सभी संबंधित पक्षों को अपना पक्ष रखने का अवसर मिलना चाहिए।







