पोषण वाटिका, जैविक आगत निर्माण और प्राकृतिक खेती के जरिए ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर
Dehradun | August 11, 2026
उत्तराखंड राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत उत्तराखंड जैविक उत्पाद परिषद के किसान भवन में कृषि सखियों के लिए तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य कृषि सखियों की क्षमता का विकास करते हुए उन्हें जैविक एवं प्राकृतिक खेती की तकनीकों से परिचित कराना रहा।
प्रशिक्षण के दौरान कृषि सखियों को पोषण वाटिका, प्राकृतिक खेती, जैविक आगत निर्माण और उनके प्रयोग की विधि के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। प्रशिक्षण में खेती में जैविक एवं प्राकृतिक पद्धतियों को अपनाने, स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग और पोषण आधारित कृषि गतिविधियों को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया।
प्रशिक्षण का उद्देश्य केवल कृषि सखियों तक जानकारी पहुंचाना नहीं, बल्कि उन्हें अपने-अपने समूहों में जाकर अन्य ग्रामीण महिलाओं तक इन तकनीकों को पहुंचाने के लिए सक्षम बनाना भी रहा। इसके माध्यम से महिलाओं को प्राकृतिक एवं जैविक खेती की उपयोगी तकनीकों से जोड़ने और ग्रामीण स्तर पर इनके प्रसार की दिशा में काम किया जा रहा है।
प्रशिक्षण के बाद कृषि सखियां अपने समूहों में अन्य महिलाओं को पोषण वाटिका तैयार करने, प्राकृतिक खेती अपनाने तथा जैविक आगत तैयार कर उसके उचित प्रयोग की जानकारी दे सकेंगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में टिकाऊ कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने के साथ महिलाओं की कृषि संबंधी क्षमता को मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है।






