मंगलौर में 18 हजार प्रतिबंधित ट्रामाडोल कैप्सूल बरामदगी के मामले में एसटीएफ की कार्रवाई, गिरफ्तार आरोपी उत्तराखंड में करता था नशीली दवाओं की रिसीविंग और सप्लाई
देहरादून | 02 नवंबर, 2026
उत्तराखंड में प्रतिबंधित दवाओं की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने ट्रामाडोल तस्करी गिरोह के एक और सक्रिय सदस्य को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान फारूख पुत्र महबूब, निवासी ग्राम भारापुर, थाना बहादराबाद, जनपद हरिद्वार के रूप में हुई है। एसटीएफ के मुताबिक, आरोपी गिरोह के मुख्य सदस्यों के लिए उत्तराखंड में रिसीवर और डिस्ट्रीब्यूटर के तौर पर काम कर रहा था।
इस मामले में अब तक कुल पांच आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इससे पहले मई 2026 में एसटीएफ/एएनटीएफ और मंगलौर पुलिस की संयुक्त टीम ने 18,000 प्रतिबंधित ट्रामाडोल कैप्सूल बरामद किए थे। इस संबंध में थाना मंगलौर में एनडीपीएस एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी विवेचना एसटीएफ देहरादून को सौंपी गई थी।
बैंक खातों और डिजिटल साक्ष्यों से खुली कड़ियां
एसटीएफ के अनुसार, विवेचना के दौरान बैंक खातों के विश्लेषण, डिजिटल साक्ष्यों और तकनीकी जांच में कई अहम जानकारियां सामने आईं। जांच में पूर्व में गिरफ्तार अंकित कुमार प्रजापति निवासी मुजफ्फरनगर की भूमिका सामने आई थी। आरोप है कि वह जनवरी 2026 से मुख्य आरोपी सचिन मनिहाल से SPASMORE (Tramadol) कैप्सूल लेकर हरिद्वार और आसपास के क्षेत्रों में अवैध रूप से सप्लाई कर रहा था।
पुलिस के मुताबिक, प्रतिबंधित कैप्सूल की बिक्री से मिलने वाली रकम में से अपना कमीशन काटने के बाद शेष धनराशि वह नकद और बैंक खातों के माध्यम से सचिन मनिहाल तक पहुंचाता था। इस नेटवर्क में सलमान और उसके साथी फारूख की भी भूमिका सामने आई।
18 हजार कैप्सूल की बरामदगी में भी सामने आई भूमिका
एसटीएफ की जांच में गिरफ्तार फारूख की भूमिका भी प्रतिबंधित ट्रामाडोल कैप्सूल की अवैध सप्लाई में सामने आई है। पुलिस के अनुसार, फारूख अपने अन्य साथियों के साथ इस नेटवर्क में सक्रिय था और मई 2026 में मंगलौर क्षेत्र से हुई 18 हजार कैप्सूल की बरामदगी से जुड़े मामले में भी उसकी भूमिका पाई गई है। बैंकिंग और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उसे गिरफ्तार किया गया है।
गिरोह पर BNS की धारा 111 भी जोड़ी
एसटीएफ के मुताबिक, विवेचना में संगठित तरीके से नशा तस्करी किए जाने के साक्ष्य मिलने के बाद मुकदमे में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 111 भी जोड़ी गई है। जांच एजेंसी अब गिरफ्तार आरोपी के फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंक्स, आर्थिक लेन-देन, बैंक खातों और डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल कर रही है। साथ ही पूरे सप्लाई नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।
एसटीएफ ने स्पष्ट किया है कि मामले में संलिप्त अन्य व्यक्तियों के खिलाफ भी साक्ष्यों के आधार पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
इन अधिकारियों की टीम ने की कार्रवाई
इस कार्रवाई में निरीक्षक यादवेन्द्र सिंह बाजवा, उपनिरीक्षक कमाल हसन, अपर उपनिरीक्षक योगेन्द्र चौहान, आरक्षी दीपक चंदौला और आरक्षी प्रदीप शामिल रहे।
एसटीएफ ने आमजन से नशे से दूर रहने और नशा तस्करी से जुड़ी किसी भी जानकारी को पुलिस या एसटीएफ के साथ साझा करने की अपील की है। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
एसटीएफ हेल्पलाइन: 0135-2656202, 9412029536
मानस हेल्पलाइन: 1933

