वर्ष 2013 से देहरादून में साइक्लिंग को बढ़ावा दे रहा क्लब, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जागरूकता के लिए चला रहा अभियान
देहरादून, 2 नवंबर 2026। देहरादून साइक्लिंग क्लब के संस्थापक एवं अध्यक्ष हरिसिमरन सिंह को जनस्वास्थ्य और युवा सशक्तिकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रतिष्ठित ‘दून आइकॉन अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया है। उन्हें यह सम्मान 1 नवंबर 2026 को देहरादून के YKM रिसॉर्ट्स एंड होटल्स में आयोजित कार्यक्रम में प्रदान किया गया। कार्यक्रम में देहरादून के महापौर सौरभ भारद्वाज ने उन्हें सम्मानित किया।
इस अवसर पर देहरादून साइक्लिंग क्लब के सचिव हरविंदर सिंह, युवा साइक्लिस्ट प्रणय पंत, कम्युनिटी राइडर आदर्श रावत और अवेयरनेस राइडर चित्रांग राघव भी मौजूद रहे।
2013 से साइक्लिंग और जनजागरूकता को दे रहा बढ़ावा
देहरादून साइक्लिंग क्लब वर्ष 2013 से शहर में साइक्लिंग संस्कृति को बढ़ावा देने के साथ स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करने का काम कर रहा है। क्लब की ओर से प्रत्येक सप्ताहांत सामुदायिक साइक्लिंग राइड आयोजित की जाती है। इनके माध्यम से लोगों को नियमित व्यायाम, स्वस्थ जीवनशैली और दैनिक जीवन में साइकिल के इस्तेमाल के लिए प्रेरित किया जाता है।
नशामुक्ति से लेकर महिला सशक्तिकरण तक चला रहे अभियान
क्लब की गतिविधियां केवल साइक्लिंग तक सीमित नहीं हैं। विभिन्न जागरूकता अभियानों और राइड्स के जरिए नशामुक्त देहरादून, प्लास्टिक मुक्त देहरादून, महिला सशक्तिकरण, पर्यावरण संरक्षण, सड़क सुरक्षा और जनस्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। इसके साथ ही युवाओं को सकारात्मक गतिविधियों से जोड़कर सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति प्रेरित किया जा रहा है।
सामूहिक प्रयासों का सम्मान है यह अवॉर्ड: हरिसिमरन सिंह
सम्मान मिलने पर क्लब के संस्थापक हरिसिमरन सिंह ने कहा कि यह अवॉर्ड केवल उनका व्यक्तिगत सम्मान नहीं है, बल्कि पिछले कई वर्षों से क्लब के साथ जुड़े सदस्यों, युवा साइक्लिस्ट और सामाजिक कार्यकर्ताओं के सामूहिक प्रयासों की पहचान है।
उन्होंने कहा कि देहरादून साइक्लिंग क्लब भविष्य में भी स्वस्थ, स्वच्छ, सुरक्षित, नशामुक्त और पर्यावरण के अनुकूल देहरादून के निर्माण के लिए अपने प्रयास जारी रखेगा।
क्लब का मानना है कि साइकिल केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि स्वस्थ समाज, स्वच्छ पर्यावरण और सकारात्मक युवा शक्ति के निर्माण का एक प्रभावी माध्यम भी है।







