नशे के खिलाफ बड़ा एक्शन, 208 मुकदमे दर्ज, 237 अभियुक्त पहुंचे जेल

  • मुख्यमंत्री के विजन को धारः नशामुक्त उत्तराखंड के लिए जिला प्रशासन सख्त
  • शिकायत मिलते ही डीएम का कडा एक्शन, बिना पंजीकरण चल रहा नशामुक्ति केंद्र सीज करने के आदेश
  • नशामुक्ति केंद्रों पर डिजिटल पहरा, बनेगा ऑनलाइन डैसबोर्ड-एक क्लिक पर होगी केंद्रीकृत निगरानी,
  • उच्च शिक्षण संस्थानों में सैंपलिंग, ई-शपथ व जागरूकता कार्यशाला आयोजित करने के सख्त निर्देश
  • ड्रग्स के खिलाफ चौकसीः मेडिकल स्टोर, कॉलेजों और संदिग्ध इलाकों पर प्रशासन की पैनी नजर
  • 75 बेड के राजकीय नशामुक्ति केंद्र के लिए प्रथम किस्त 132 लाख अवमुक्त

देहरादून । राजधानी में नशे के बढ़ते नेटवर्क को ध्वस्त करने और अवैध रूप से चल रहे पुनर्वास केंद्रों पर शिकंजा कसने के लिए जिला प्रशासन ने अपनी रणनीति पूरी तरह सख्त कर दी है। बुधवार को जिला स्तरीय नारकोटिक्स को-ऑर्डिनेशन समिति की समीक्षा बैठक लेते हुए जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने ड्रग्स की सप्लाई चेन तोड़ने, शिक्षण संस्थानों में निगरानी बढ़ाने और लापरवाह केंद्रों पर तत्काल सीलिंग की कार्रवाई करने के कड़े निर्देश जारी किए।
बैठक में मोथरोवाला क्षेत्र में बिना पंजीकरण के संचालित हो रहे एक नशामुक्ति केंद्र की शिकायत मिलते ही जिलाधिकारी ने उसे तत्काल प्रभाव से सीज करने का आदेश दिया। उन्होंने सभी उपजिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने क्षेत्रों के पुनर्वास केंद्रों की नियमित जांच करें।
जिलाधिकारी ने सभी नशामुक्ति केंद्रों की केंद्रीकृत निगरानी के लिए तत्काल ऑनलाइन डैशबोर्ड विकसित करने के निर्देश भी दिए, ताकि केंद्रों की गतिविधियों एवं व्यवस्थाओं की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जा सके।
जिलाधिकारी ने कहा कि कॉलेज, विश्वविद्यालय एवं अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों में औचक विजिट कर ड्रग्स के संदिग्ध एवं संभावित मामलों की रैंडम सैंपलिंग की जाए। एंटी ड्रग्स अभियान के तहत सभी छात्रों से अनिवार्य रूप से ई-शपथ पत्र भरवाया जाए तथा शिक्षण संस्थानों में एंटी ड्रग्स विषय पर नियमित कार्यशालाएं आयोजित की जाएं, ताकि नशे की प्रवृत्ति की समय रहते पहचान कर प्रभावी रोकथाम की जा सके।
जिलाधिकारी ने पुलिस विभाग को पुराने अपराध आंकड़ों का जीआईएस आधारित विश्लेषण कर नशे से जुड़े संवेदनशील एवं हॉटस्पॉट क्षेत्रों को चिह्नित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चिन्हित क्षेत्रों में योजनाबद्ध तरीके से प्रभावी कार्रवाई की जाए तथा नशे की डिमांड और सप्लाई चेन को तोड़ने पर विशेष ध्यान दिया जाए।
उन्होंने सभी मेडिकल स्टोरों पर सीसीटीवी कैमरों, दवा रजिस्टर एवं स्टॉक रजिस्टर की नियमित जांच के निर्देश दिए। ग्रामीण क्षेत्रों में अफीम, गांजा एवं भांग के उत्पादन तथा विपणन में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा। सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान एवं शराब का सेवन करने वालों के विरुद्ध भी सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने छात्रावासों, पेइंग गेस्ट आवासों, कोचिंग संस्थानों सहित अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में सीसीटीवी निगरानी बढ़ाने तथा एंटी ड्रग्स हेल्पलाइन-1933 का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने को कहा।
2026 में अब तक 208 मुकदमे, 237 अभियुक्त जेल भेजे गए
बैठक में पुलिस विभाग ने बताया कि एनडीपीएस एक्ट के तहत वर्ष 2026 में अब तक 208 मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें 237 अभियुक्तों को जेल भेजा गया। मादक पदार्थों की डिमांड एवं सप्लाई चेन तोड़ने के उद्देश्य से प्रकाश में आए 40 अभियुक्तों के विरुद्ध धारा 29 तथा चार अभियुक्तों के विरुद्ध धारा 27ए के तहत कार्रवाई की गई है।
औषधि विभाग ने बताया कि जुलाई 2026 तक 58 औचक निरीक्षण किए गए। इनमें 15 संदिग्ध मामलों में ड्रग्स के नमूने लिए गए। नकली अथवा मिलावटी दवाओं के निर्माण से जुड़े चार मामलों में एफआईआर दर्ज की गई तथा दो दोषी अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। सभी शिक्षण संस्थानों में हेल्पलाइन नंबर 1933 चस्पा किया गया है।
75 बेड के नशामुक्ति केंद्र के लिए 775.09 लाख की डीपीआर, 132 लाख अवमुक्त
जिला समाज कल्याण अधिकारी ने बताया कि राजकीय वृद्ध एवं अशक्त आवास गृह, रायवाला के समीप 0.4050 हेक्टेयर भूमि पर प्रस्तावित 75 बेड के नशामुक्ति केंद्र के भवन निर्माण के लिए 775.09 लाख रुपये की डीपीआर शासन को प्रेषित की गई है। इसके सापेक्ष भारत सरकार द्वारा पहली किश्त के रूप में 132.00 लाख रुपये की धनराशि निदेशालय को अवमुक्त की जा चुकी है।
बैठक में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) स्मृता परमार, ओसी क्लेक्ट्रेट रविन्द्र ज्वांठा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एम.के. शर्मा, उच्च शिक्षा विभाग से डॉ. दीपा मेहरा रावत, सीओ सदर अक्षित कंडारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल, ड्रग्स इंस्पेक्टर विनोद जगूड़ी, जिला आबकारी अधिकारी विरेन्द्र कुमार जोशी, जिला शिक्षा अधिकारी प्रेम लाल भारती, एनजीओ आसरा से जसवीर रावत सहित वर्चुअल माध्यम से अन्य सदस्य उपस्थित थे।

The India Vox

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Ravi Priyanshu

Ravi Priyanshu is a journalist, novelist, and Founder & Editor-in-Chief of The India Vox. With 23+ years of experience, he is dedicated to credible journalism and meaningful storytelling.

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