उम्र छिपाकर परीक्षा देने पहुंचा अभ्यर्थी, UKSSSC ने पकड़ी फर्जीवाड़े की पूरी कहानी
Dehradun, 04 October: उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) की परीक्षा में फर्जी दस्तावेज़ों का इस्तेमाल कर शामिल होने की कोशिश कर रहे एक अभ्यर्थी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी ने उम्र सीमा से अधिक होने के बाद भी पात्रता दिखाने के लिए जन्मतिथि और शैक्षिक प्रमाण पत्रों में हेरफेर किया था।
आयोग की ओर से अभ्यर्थियों के डाटा की जांच के दौरान एक आवेदन संदिग्ध पाया गया। इसकी जानकारी पुलिस को दी गई, जिसके बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देश पर की गई जांच में आरोपी की पहचान सुरेन्द्र कुमार पुत्र सलेक कुमार, निवासी कनकपुर, भोजपुर मोदीनगर (गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई। पता चला कि सुरेन्द्र ने एक ही परीक्षा के लिए तीन अलग-अलग परीक्षा केंद्रों (टिहरी, हरिद्वार और देहरादून) से आवेदन किया था। इसके लिए उसने तीन मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल किया।
जांच में सामने आया सच
जांच में सामने आया कि सुरेन्द्र की असली जन्मतिथि 1 अप्रैल 1988 है, जबकि उसने इसे बदलकर 1 जनवरी 1995 दर्ज करवा लिया, ताकि सरकारी नौकरी की आयु सीमा में फिट हो सके। आरोपी ने स्वीकार किया कि वह पहले ही अधिक आयु का हो चुका था।
पुलिस जांच में यह भी पता चला कि सुरेन्द्र ने 2007 में इंटरमीडिएट पास करने के बाद उम्र कम दिखाने के उद्देश्य से 2012 में दोबारा हाईस्कूल और 2014 में इंटर की परीक्षा दी। इसके अलावा उसने 2012 में राजस्थान से और 2018 में सोलन (हिमाचल प्रदेश) से बीए की डिग्री हासिल की।
विभिन्न धाराओं में हुई कार्रवाई
थाना रायपुर में सुरेन्द्र के खिलाफ धारा 318(4), 336(3) और 340(2) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

