दर्जनों दुकानों पर एक साथ छापेमारी, कहीं रेट लिस्ट गायब तो कहीं स्टॉक रजिस्टर अपडेट नहीं; अब कार्रवाई का इंतजार
देहरादून | 30 सितंबर, 2026
शराब खरीदते समय अगर ग्राहक से तय कीमत से ज्यादा पैसे मांगे जाएं, दुकान पर रेट लिस्ट ही न लगी हो या बिक्री करने वाले कर्मचारी की वैधता स्पष्ट न हो, तो सवाल उठना स्वाभाविक है। देहरादून में शराब की दुकानों को लेकर लगातार मिल रही ऐसी ही शिकायतों के बाद जिला प्रशासन ने देर रात बड़ा चेकिंग अभियान चलाया। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान के निर्देश पर अलग-अलग मजिस्ट्रेट टीमों ने शहर के विभिन्न इलाकों में शराब की दुकानों पर औचक छापेमारी की। जांच के दौरान ओवररेटिंग समेत कई अनियमितताएं सामने आईं।

आईएसबीटी की शराब दुकान पर ओवररेटिंग की पुष्टि
सिटी मजिस्ट्रेट राकेश तिवारी और उप जिलाधिकारी सदर अपूर्वा सिंह के नेतृत्व में माजरा, पटेलनगर और आसपास के क्षेत्रों में शराब की दुकानों की जांच की गई। इस दौरान आईएसबीटी स्थित शराब की दुकान पर ओवररेटिंग की शिकायत की पुष्टि हुई।
जांच में दुकान पर रखी 42 शराब की बोतलों के बैच नंबर उपलब्ध अभिलेखों से मिलान नहीं हो पाए। इसके अलावा दुकान पर अनधिकृत सेल्समैन पाए गए और निर्धारित रेट लिस्ट भी चस्पा नहीं मिली। टीम ने दुकान के स्टॉक और बिक्री से जुड़े अभिलेखों की भी जांच की।
प्रेमनगर में स्टॉक रजिस्टर अपडेट नहीं मिला
उप जिलाधिकारी मुख्यालय रविंद्र ज्वांठा के नेतृत्व में प्रेमनगर और आसपास के क्षेत्रों में भी शराब की दुकानों का औचक निरीक्षण किया गया। यहां एक दुकान का स्टॉक रजिस्टर अद्यतन नहीं मिला। जांच के दौरान अनधिकृत सेल्समैन भी पाए गए। टीम ने स्टॉक और संबंधित अभिलेखों की जांच की और आगे की कार्रवाई के लिए रिपोर्ट तैयार की।

जाखन और राजपुर रोड पर भी सामने आईं अनियमितताएं
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट राहुल आनंद और हर्षिता सिंह के नेतृत्व में जाखन और राजपुर रोड क्षेत्र की शराब दुकानों पर छापेमारी की गई। जांच के दौरान कई दुकानों पर स्टॉक रजिस्टर अपडेट नहीं मिला।
इसके अलावा कुछ दुकानों पर निर्धारित रेट लिस्ट चस्पा नहीं थी, अनधिकृत सेल्समैन पाए गए और आबकारी विभाग का शिकायत नंबर भी प्रदर्शित नहीं मिला। जांच के दौरान ओवररेटिंग के मामले भी सामने आए।
टीम को विक्रेताओं की ओर से भी ओवररेटिंग संबंधी शिकायतें मिलीं, जिनका मौके पर संज्ञान लेते हुए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
किन-किन बिंदुओं की हुई जांच?
जिला प्रशासन की अलग-अलग टीमों ने शराब की दुकानों पर कई बिंदुओं की जांच की। इनमें—
- शराब की निर्धारित बिक्री दर
- ओवररेटिंग
- स्टॉक और बिक्री अभिलेख
- स्टॉक रजिस्टर
- बोतलों के बैच नंबर
- सेल्समैन की वैधता
- रेट लिस्ट का प्रदर्शन
- आबकारी विभाग का शिकायत नंबर
शामिल रहे।
डीएम ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश
जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने कहा कि शराब की दुकानों पर निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर बिक्री, अनधिकृत व्यक्तियों द्वारा बिक्री और अभिलेखों में अनियमितता किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को नियमित रूप से औचक निरीक्षण करने और अनियमितता पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
जिला प्रशासन के इस देर रात चले विशेष अभियान के बाद शराब कारोबारियों में हड़कंप की स्थिति रही। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ओवररेटिंग और अन्य अनियमितताओं से जुड़ी शिकायतों पर आगे भी आकस्मिक और सघन चेकिंग जारी रहेगी।
अब आगे क्या?
इस छापेमारी में कई तरह की अनियमितताएं सामने आने के बाद अब देखना ये है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर इन तमाम गड़बड़ियों पर प्रशासन की ओर से क्या कार्रवाई होती है।
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