पेपर लीक प्रकरण: कांग्रेस ने मांगी जज की निगरानी में जांच, सरकार पर साधा निशाना
Dehradun, 03 October: पेपर लीक से निराश और गुस्साए छात्रों की आवाज़ अब सियासत के गलियारों तक पहुंच गई है। बेरोजगारी और धांधली से आहत युवाओं के मुद्दे को लेकर कांग्रेस आज सड़कों पर उतरी और सीएम आवास का घेराव करने की कोशिश की। लेकिन पुलिस बैरिकेड्स के सामने यह प्रदर्शन थम गया, जहां नेताओं ने जमकर सरकार को घेरा।

जज की निगरानी में जांच कराने की मांग
कांग्रेस नेताओं ने मांग उठाई कि सरकार सीबीआई जांच का दायरा सिर्फ ताज़ा हुए पेपर लीक तक सीमित न रखे, बल्कि UKSSSC के माध्यम से शिक्षा और सहकारिता विभाग में हुई पूर्व भर्तियों की भी जांच कराई जाए। साथ ही यह जांच हाई कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में कराए जाने और वर्तमान परीक्षा को रद्द कर नए सिरे से कराने की मांग भी की गई। आयोग अध्यक्ष को पद से हटाने की भी मांग करते हुए नेताओं ने कहा कि छात्रों के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

15 दिन बाद फूटी कांग्रेस
उल्लेखनीय है कि 21 सितंबर को यूकेएसएसएससी की परीक्षा का पेपर लीक होने के बाद बेरोजगार छात्रों ने राज्यव्यापी आंदोलन छेड़ा था, लेकिन उस समय कांग्रेस नेताओं ने दूरी बनाए रखी थी। अब 15 दिन बाद कांग्रेस ने आंदोलन का मोर्चा संभालते हुए सरकार को घेरने की कोशिश की है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कांग्रेस के इस आंदोलन पर तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस के पास कोई मुद्दा नहीं है। कहा कि पहले कांग्रेस नेता तय करें कि वे सीबीआई जांच से संतुष्ट हैं या नहीं। छात्रों के हित में जो करना होगा, सरकार अवश्य करेगी। कांग्रेस नेताओं को परेशान होने की जरूरत नहीं है।
भाजपा पर लगाया गुमराह करने का आरोप
वहीं कांग्रेस का कहना है कि भाजपा सीबीआई जांच का हवाला देकर छात्रों को गुमराह कर रही है। प्रदर्शन में पूर्व सीएम हरीश रावत, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व विधायक प्रीतम सिंह, गणेश गोदयाल, सूर्यकांत धस्माना, रणजीत सिंह रावत, प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा, वीरेंद्र सिंह रावत, राजीव महर्षि, पूर्व महानगर अध्यक्ष लालचंद शर्मा, विनीत प्रसाद भट्ट ‘बन्टू’सहित सैकड़ों कार्यकर्ता और छात्र शामिल रहे।
Crime से जुड़ी अन्य खबरें: यहां पढ़ें
Technology से जुड़ी अन्य खबरें: यहां पढ़ें
Politics से जुड़ी अन्य खबरें: यहां पढ़ें
Education से जुड़ी अन्य खबरें: यहां पढ़ें

