SC/ST Act के लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण, 60 दिन में जांच पूरी करने और पीड़ितों को समय पर आर्थिक सहायता सुनिश्चित करने के निर्देश
Dehradun | July 10, 2026
राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (भारत सरकार) के निदेशक श्री उत्तम प्रकाश ने शुक्रवार को विकास भवन सभागार, देहरादून में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम से संबंधित लंबित मामलों की समीक्षा बैठक की। बैठक का मुख्य उद्देश्य लंबित प्रकरणों की प्रगति की समीक्षा करना, पीड़ितों को समयबद्ध न्याय दिलाना और आर्थिक सहायता में किसी प्रकार की देरी न होने देना था।
बैठक में जिला समाज कल्याण अधिकारी श्री दीपॉकर घिल्डियाल, पुलिस उपाधीक्षक श्री जितेन्द्र चौधरी, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी श्री नरेश धारकोटी, लेखाकार श्री उत्तम सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
60 दिनों में जांच पूरी करने के निर्देश
समीक्षा बैठक के दौरान निदेशक श्री उत्तम प्रकाश ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत दर्ज सभी मामलों की जांच निर्धारित 60 दिनों के भीतर पूरी की जाए। उन्होंने 60 दिनों से अधिक समय से लंबित मामलों पर चिंता जताते हुए जांच प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए।
परगना स्तर पर बनेगी सतर्कता एवं मॉनिटरिंग समिति
बैठक में निर्णय लिया गया कि परगना स्तर पर सतर्कता एवं मॉनिटरिंग समिति का जल्द गठन किया जाए और उसकी बैठक भी शीघ्र आयोजित की जाए, ताकि अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन की नियमित निगरानी हो सके।
भूमि विवादों के लंबित मामलों पर भी होगी कार्रवाई
निदेशक ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अनुसूचित जाति एवं जनजाति से जुड़े लंबित भूमि विवादों की सूची जिलाधिकारी को उपलब्ध कराई जाए। साथ ही इन मामलों की जांच में प्रगति सुनिश्चित करते हुए 10 दिनों के भीतर अद्यतन रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया।
पीड़ितों को समय पर मिले आर्थिक सहायता
बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत पात्र पीड़ितों को आर्थिक सहायता के भुगतान में किसी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए समाज कल्याण विभाग को निदेशालय के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक बजट उपलब्ध कराने और सहायता राशि का शीघ्र भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
तीन दिन में उपलब्ध करानी होगी जरूरी जानकारी
समीक्षा के दौरान एक ऐसे मामले की जानकारी सामने आई, जिसमें बैंक खाते और जाति प्रमाण-पत्र के अभाव में आर्थिक सहायता लंबित थी। इस पर पुलिस उपाधीक्षक को निर्देशित किया गया कि संबंधित लाभार्थी का बैंक खाता विवरण और जाति प्रमाण-पत्र तीन दिनों के भीतर समाज कल्याण विभाग को उपलब्ध कराया जाए, ताकि सहायता राशि का भुगतान बिना देरी के किया जा सके।
समन्वय के साथ प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर
बैठक के अंत में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के निदेशक श्री उत्तम प्रकाश ने सभी विभागों से आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और SC/ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि पीड़ितों को समयबद्ध न्याय और राहत उपलब्ध कराना सभी संबंधित विभागों की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
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