टिहरी डैम पर आतंकी हमले की काल्पनिक स्थिति बनाकर पुलिस, CISF, ATS, LIU, BDS और फायर सर्विस ने परखी क्विक रिस्पॉन्स, सुरक्षा और रेस्क्यू तैयारियां
टिहरी | 5 अक्टूबर, 2026
टिहरी डैम जैसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील प्रतिष्ठान की सुरक्षा व्यवस्था को परखने के लिए सोमवार को संयुक्त सुरक्षा मॉक ड्रिल आयोजित की गई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक टिहरी गढ़वाल श्रीमती श्वेता चौबे के निर्देशन में आयोजित इस अभ्यास में टिहरी पुलिस, CISF, ATS, LIU, फायर सर्विस, मेडिकल और BDS की टीमों ने हिस्सा लिया।

मॉक ड्रिल का उद्देश्य संभावित आतंकी हमले या किसी अन्य आपात स्थिति के दौरान विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों की त्वरित प्रतिक्रिया, आपसी समन्वय, सूचना तंत्र और रेस्क्यू व्यवस्था को परखना था।
आतंकी हमले और IED ब्लास्ट की बनाई गई काल्पनिक स्थिति
अभ्यास के दौरान काल्पनिक रूप से सूचना दी गई कि टिहरी डैम पर आतंकवादी हमला हुआ है। परिदृश्य में तीन आतंकियों द्वारा फायरिंग और IED ब्लास्ट की स्थिति दिखाई गई, जिसमें एक CISF जवान के शहीद और दूसरे के घायल होने की काल्पनिक स्थिति बनाई गई।
सूचना मिलते ही संबंधित सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट किया गया और घटनास्थल की घेराबंदी कर सुरक्षा व्यवस्था सक्रिय करने का अभ्यास किया गया। संयुक्त टीमों ने सर्च ऑपरेशन, संदिग्ध खतरे से निपटने और जवाबी कार्रवाई की प्रक्रिया का अभ्यास किया। अभ्यास के दौरान काल्पनिक तौर पर तीनों आतंकियों को मार गिराने की कार्रवाई भी प्रदर्शित की गई।
घायल जवान को अस्पताल पहुंचाने का भी किया अभ्यास
मॉक ड्रिल के दौरान घायल CISF जवान को प्राथमिक उपचार देने और एंबुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाने की प्रक्रिया भी परखी गई। इसके जरिए मेडिकल इमरजेंसी और रेस्क्यू रिस्पॉन्स की तैयारियों का परीक्षण किया गया।
LIU टीम ने सूचना एवं इंटेलिजेंस इनपुट से जुड़ी कार्रवाई का अभ्यास किया, जबकि ATS ने आतंकी हमले की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया और ऑपरेशनल कार्रवाई की प्रक्रिया को परखा।
BDS और फायर सर्विस ने भी संभाला मोर्चा
संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक मिलने की स्थिति से निपटने के लिए BDS टीम ने आवश्यक सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत जांच और निस्तारण की प्रक्रिया का अभ्यास किया। वहीं फायर सर्विस टीम ने आग लगने की संभावित स्थिति में अग्निशमन और रेस्क्यू ऑपरेशन की तैयारियों को परखा।
टिहरी पुलिस ने पूरे अभ्यास के दौरान क्षेत्र की घेराबंदी, पुलिस बल की तैनाती, यातायात एवं भीड़ नियंत्रण और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय की व्यवस्थाओं का परीक्षण किया।
महत्वपूर्ण प्रतिष्ठान की सुरक्षा को लेकर तैयारियों का परीक्षण
पुलिस के मुताबिक, इस तरह के अभ्यास का उद्देश्य सुरक्षा व्यवस्था में संभावित कमियों की पहचान कर उन्हें दूर करना और आपात स्थिति में सभी संबंधित एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल सुनिश्चित करना है।
महत्वपूर्ण: मॉक ड्रिल के दौरान दिखाई गई आतंकी घटना, तीन आतंकियों के मारे जाने तथा CISF जवानों के शहीद और घायल होने की स्थिति पूरी तरह काल्पनिक और अभ्यास का हिस्सा थी। वास्तविक आतंकी हमला नहीं हुआ था।








