रेहड़ी-पटरी व्यवसायियों के उत्पीड़न पर भड़की सीपीआईएम-सीआईटीयू, मेयर को सौंपा ज्ञापन
Dehradun, 16 October: त्योहारी सीजन में नगर निगम और पुलिस प्रशासन द्वारा रेहड़ी-पटरी व फुटपाथ व्यवसायियों के उत्पीड़न के विरोध में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआईएम) और सीआईटीयू ने गुरुवार को मेयर को ज्ञापन सौंपा। संगठनों ने मांग की कि फुटपाथ व्यवसायियों को परेशान करने के बजाय उनके लिए शहर के मुख्य बाजारों के आसपास सुरक्षित वेन्डर जोन बनाए जाएं।
ज्ञापन में कहा गया है कि सर्वोच्च न्यायालय ने वर्ष 1986 में राज्यों को फुटपाथ व्यवसायियों के लिए उपयुक्त स्थानों पर वेन्डर जोन बनाने के निर्देश दिए थे, लेकिन उत्तराखंड में इसका ठीक तरह से पालन नहीं हुआ। इसके चलते छोटे स्वरोजगारियों को अक्सर नगर निगम और पुलिस की कार्रवाई का सामना करना पड़ता है तथा उनसे भारी आर्थिक दंड और चौथ वसूली की जाती है।
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि सर्वोच्च न्यायालय ने फुटपाथ व फेरी व्यवसायियों को देश की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा माना है। ये लोग सीमित संसाधनों के बावजूद अपने परिवार का पालन-पोषण करते हुए समाज की अर्थव्यवस्था में योगदान देते हैं, लेकिन प्रशासनिक उपेक्षा के कारण हाशिये पर धकेले जा रहे हैं।
पार्टी प्रतिनिधियों ने मेयर से अनुरोध किया कि वे इस मामले में हस्तक्षेप कर अनावश्यक उत्पीड़न पर रोक लगाएं और राज्य में वेन्डर जोन नीति को शीघ्र प्रभाव से लागू कराएं।
ज्ञापन सौंपने वालों में सीपीआईएम के सचिव अनन्त आकाश, सीआईटीयू के जिलामहामंत्री लेखराज, भगवन्त पयाल और रविंद्र नौडियाल शामिल रहे।
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