उत्तराखंड मास्टर्स गेम्स फेडरेशन का गठन, डॉ. वीरेन्द्र सिंह रावत बने फुटबॉल के मुख्य प्रभारी

उत्तराखंड मास्टर्स गेम्स फेडरेशन में डॉ. रावत बने प्रभारी

मास्टर्स खिलाड़ियों के हितों की आवाज बुलंद, सरकार से अलग खेल नीति और बेहतर सुविधाओं की मांग

Dehradun | July 11, 2026

उत्तराखंड में 30 वर्ष से लेकर 100 वर्ष तक के पूर्व राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को एक मंच पर लाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए उत्तराखंड मास्टर्स गेम्स फेडरेशन का गठन किया गया है। फेडरेशन में विभिन्न खेलों के लिए प्रभारी नियुक्त किए गए हैं। इसी क्रम में डॉ. वीरेन्द्र सिंह रावत को उत्तराखंड में फुटबॉल का मुख्य प्रभारी बनाया गया है।

फेडरेशन का उद्देश्य मास्टर्स खिलाड़ियों को संगठित कर उनके लिए बेहतर खेल नीति, सम्मान और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार के साथ समन्वय स्थापित करना है।

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सरकार से मास्टर्स खिलाड़ियों के लिए अलग नीति की मांग

फेडरेशन के पदाधिकारियों का कहना है कि उत्तराखंड सरकार ने युवाओं के लिए खेल नीति, स्पोर्ट्स कोटा और विभिन्न प्रोत्साहन योजनाएं लागू की हैं, लेकिन मास्टर्स खिलाड़ियों के लिए अभी तक कोई अलग नीति नहीं बनाई गई है।

इसी उद्देश्य से विभिन्न खेलों के वरिष्ठ खिलाड़ियों और पदाधिकारियों ने एकजुट होकर उत्तराखंड मास्टर्स गेम्स फेडरेशन का गठन किया है, ताकि राज्य के मास्टर्स खिलाड़ियों को भी सम्मान, प्रोत्साहन और प्रतियोगिताओं में भागीदारी के लिए आवश्यक सुविधाएं मिल सकें।

अमित सिन्हा को सौंपा मांग पत्र

फेडरेशन के अध्यक्ष हर्ष मणि व्यास, महासचिव सतीश चंद चौहान और अन्य पदाधिकारियों ने उत्तराखंड के खेल सचिव आईपीएस अमित सिन्हा से मुलाकात कर एक संयुक्त ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मास्टर्स खिलाड़ियों के लिए विशेष खेल नीति लागू करने और उन्हें आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की गई।

फुटबॉल राज्य का खेल, खिलाड़ियों को मिलेगा मंच : डॉ. वीरेन्द्र सिंह रावत

मुख्य प्रभारी बनाए जाने पर डॉ. वीरेन्द्र सिंह रावत ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि फुटबॉल उत्तराखंड का राज्य खेल है और इसे नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए वे मास्टर्स खिलाड़ियों के साथ मिलकर राज्यभर में प्रतियोगिताओं का आयोजन करेंगे।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2021 में खेल नीति को लेकर सरकार को 32 महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए थे, जिनमें से कई सुझावों को स्वीकार किया गया। आज युवाओं को स्पोर्ट्स कोटा के माध्यम से रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। अब समय आ गया है कि मास्टर्स खिलाड़ियों के लिए भी प्रभावी नीति बनाई जाए।

राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दिलाएंगे पहचान

डॉ. रावत ने कहा कि उत्तराखंड की मास्टर्स फुटबॉल टीम पिछले पांच वर्षों में 40+, 50+ और 60+ आयु वर्ग में राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक जीत चुकी है। खिलाड़ियों को मुख्यमंत्री और खेल मंत्री द्वारा सम्मानित भी किया जा चुका है।

उन्होंने विश्वास जताया कि भविष्य में बेहतर प्रतियोगिताओं के आयोजन से अधिक खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राज्य का नाम रोशन करेंगे।

युवाओं को फिटनेस और खेलों के लिए करेंगे प्रेरित

फेडरेशन का मानना है कि यदि वरिष्ठ खिलाड़ी इस उम्र में भी खेलों में सक्रिय रह सकते हैं, तो यह युवाओं के लिए बड़ी प्रेरणा है। खेल न केवल फिटनेस को बढ़ावा देते हैं, बल्कि युवाओं को नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रखने और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए भी प्रेरित करते हैं।

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The India Vox

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Ravi Priyanshu

Ravi Priyanshu is a journalist, novelist, and Founder & Editor-in-Chief of The India Vox. With 23+ years of experience, he is dedicated to credible journalism and meaningful storytelling.

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