देवाल (चमोली) के मोहन सिंह बिष्ट कर रहे युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने का कार्य
Dehradun, 03 February: पहाड़ में रोजगार की तलाश कर रहे युवाओं के लिए ट्राउट मत्स्य पालन एक नई उम्मीद बनकर उभरा है। इसी कड़ी में चमोली जिले के देवाल क्षेत्र से जुड़े मत्स्य पालन उद्यमी मोहन सिंह बिष्ट ने लोक भवन में राज्यपाल से मुलाकात कर अपने स्वरोजगार के अनुभव साझा किए, जिस पर राज्यपाल ने इस पहल को ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए प्रेरणादायक बताया।
मोहन सिंह बिष्ट वर्ष 2017 से विकासखंड देवाल में ट्राउट मछली पालन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे स्थानीय युवाओं को मत्स्य पालन के माध्यम से स्वरोजगार के अवसर प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) को अवगत कराया कि ट्राउट मछली की बाजार में अत्यधिक मांग है और उनके द्वारा उत्पादित मछली आईटीबीपी एवं एसएसबी को नियमित रूप से आपूर्ति की जा रही है। उन्होंने बताया कि मत्स्य पालन से उन्हें अच्छी आमदनी हो रही है। उद्यमी बिष्ट ने अपने गांव में इंटीग्रेटेड फार्मिंग (एकीकृत कृषि) शुरू करने के लिए सहयोग का भी अनुरोध किया।

ट्राउट पालन युवाओं के लिए प्रभावी माध्यम: राज्यपाल
राज्यपाल ने मोहन सिंह बिष्ट के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उत्तराखण्ड में ट्राउट मत्स्य पालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने और युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने का एक प्रभावी माध्यम है। उन्होंने युवाओं को इस क्षेत्र में आगे आने और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित करने पर जोर दिया।
राज्यपाल ने कहा कि इस प्रकार के स्टार्टअप और नवाचार आधारित स्वरोजगार प्रयास आमदनी बढ़ाने में सहायक होते हैं तथा ग्रामीण क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता को मजबूती प्रदान करते हैं। उन्होंने मोहन सिंह बिष्ट के कार्यों को उत्तराखंड के लिए अनुकरणीय पहल बताते हुए भविष्य में भी इसी दिशा में कार्य करते रहने के लिए प्रेरित किया।
Crime से जुड़ी अन्य खबरें: यहां पढ़ें
Technology से जुड़ी अन्य खबरें: यहां पढ़ें
Politics से जुड़ी अन्य खबरें: यहां पढ़ें
Education से जुड़ी अन्य खबरें: यहां पढ़ें

