दुर्व्यवहार और विवाद के बढ़ते मामलों ने परिवार, कार्यस्थल और सार्वजनिक जीवन में संवाद की संस्कृति को चुनौती दी है।
- घर, कार्यालय और सार्वजनिक जीवन में बढ़ती असभ्यता, संवाद टूटने का मुख्य कारण

Author | Independent Writer
Feature Desk | June 8, 2026
By Abhishek Gaur
आज के तेज़ दौर में संवाद के साधन बढ़े हैं, पर संवाद की भाषा बिगड़ती जा रही है। छोटी-छोटी बातों पर होने वाले विवादों का सबसे बड़ा कारण अब दुर्व्यवहार बन चुका है। कड़वे शब्द, तिरस्कार भरा लहज़ा और दूसरों की गरिमा को ठेस पहुँचाने वाली टिप्पणी, यही वह चिंगारी है जो अक्सर बड़े झगड़ों में बदल जाती है।
दुर्व्यवहार क्या है?
दुर्व्यवहार सिर्फ गाली-गलौज तक सीमित नहीं। किसी को नीचा दिखाना, बीच में टोकना, व्यंग्य करना, सार्वजनिक रूप से अपमानित करना, और सोशल मीडिया पर अभद्र टिप्पणी करना, ये सभी दुर्व्यवहार के रूप हैं। मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि जब व्यक्ति सम्मान न मिलने पर अपमानित महसूस करता है, तो उसका बचाव तंत्र सक्रिय हो जाता है। वही बचाव विवाद का रूप लेता है।
कहाँ दिख रहा है असर?
- कार्यस्थल पर: मीटिंग में जूनियर को डांटना या सार्वजनिक रूप से आलोचना करना टीम की उत्पादकता घटा रहा है। कई कर्मचारी नौकरी छोड़ने का कारण “टॉक्सिक व्यवहार” बताते हैं।
- परिवार में: पति-पत्नी या माता-पिता और बच्चों के बीच बढ़ती दूरियों की जड़ में भी अक्सर अपमानजनक भाषा है। एक ताना पूरी बातचीत बिगाड़ देता है।
- सार्वजनिक जीवन में: ट्रैफिक विवाद, दुकान पर बहस, या सोशल मीडिया पर कमेंट सेक्शन, हर जगह दुर्व्यवहार सबसे पहले विवाद की शुरुआत करता है।
क्यों बढ़ रहा है?
विशेषज्ञ तीन कारण गिनाते हैं। पहला, तनाव और समय की कमी। दूसरा, सोशल मीडिया ने लोगों को बिना जवाबदेही के बोलने की आदत दी है। तीसरा, सहनशीलता घट रही है। लोग सुनने से पहले प्रतिक्रिया देने लगते हैं।
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समाधान क्या है?
मनोवैज्ञानिक डॉ. निशा रावत कहती हैं, “संवाद की शुरुआत सम्मान से होनी चाहिए। असहमति हो तो बात मुद्दे पर रखें, व्यक्ति पर नहीं।” स्कूलों में भावनात्मक शिक्षा, कार्यस्थलों पर आचार संहिता, और परिवार में सुनने की आदत, ये छोटे कदम बड़े विवादों को रोक सकते हैं।
विवाद स्वाभाविक हैं, पर दुर्व्यवहार अनावश्यक है। जब भाषा संभल जाती है, तो रास्ते खुल जाते हैं। समाज को यह समझना होगा कि शब्दों की चोट हथियारों से कम घातक नहीं। विवाद मिटाने हैं तो पहले दुर्व्यवहार मिटाना होगा।
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