इबोला के बढ़ते खतरे पर उत्तराखंड अलर्ट, अस्पतालों को जारी हुई विशेष एडवाइजरी
इबोला वायरस के बढ़ते खतरे के बीच अस्पतालों को संदिग्ध मरीजों की निगरानी और ट्रैवल हिस्ट्री जांचने के निर्देश
Dehradun, 04 June 2026: अफ्रीकी देशों में इबोला वायरस के बढ़ते मामलों ने दुनियाभर की स्वास्थ्य एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। कांगो और युगांडा में संक्रमण के लगातार सामने आ रहे मामलों को देखते हुए उत्तराखंड स्वास्थ्य विभाग ने भी एहतियाती कदम तेज कर दिए हैं। संभावित खतरे को ध्यान में रखते हुए राज्य के सभी सरकारी और निजी अस्पतालों के लिए विशेष हेल्थ एडवाइजरी जारी की गई है।
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स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इबोला जैसे गंभीर संक्रामक रोग की रोकथाम के लिए निगरानी व्यवस्था मजबूत रखी जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। डीजी हेल्थ डॉ. सुनीता टम्टा के निर्देशों के बाद देहरादून समेत प्रदेशभर में स्वास्थ्य अधिकारियों को सतर्क रहने को कहा गया है।
संदिग्ध मरीजों की पहचान पर जोर
जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार अस्पतालों में आने वाले मरीजों की गहन जांच की जाएगी। विशेष रूप से हाल ही में विदेश यात्रा करके लौटे लोगों और इबोला प्रभावित देशों के नागरिकों या यात्रियों के संपर्क में आए व्यक्तियों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
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स्वास्थ्य विभाग के अनुसार इबोला संक्रमण के शुरुआती लक्षणों में तेज बुखार, अत्यधिक कमजोरी, मांसपेशियों में दर्द, सिरदर्द, गले में खराश, उल्टी, दस्त और त्वचा पर चकत्ते शामिल हैं। ऐसे लक्षण पाए जाने पर मरीज को तुरंत संदिग्ध श्रेणी में रखकर आवश्यक जांच और निगरानी की जाएगी।
ट्रैवल हिस्ट्री की होगी विशेष जांच
डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को मरीजों की हालिया यात्रा संबंधी जानकारी अनिवार्य रूप से लेने के निर्देश दिए गए हैं। यदि कोई व्यक्ति कांगो, युगांडा या अन्य प्रभावित क्षेत्रों की यात्रा कर चुका है अथवा वहां से आए लोगों के संपर्क में रहा है, तो इसकी सूचना तत्काल उच्च अधिकारियों को दी जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर मरीज को आइसोलेशन में रखकर निर्धारित मेडिकल प्रोटोकॉल के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अफ्रीका में बढ़ रहा संक्रमण
अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य एजेंसियों की रिपोर्ट के अनुसार कांगो में इबोला संक्रमण के मामलों में वृद्धि दर्ज की गई है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक वहां संक्रमित मरीजों की संख्या 282 तक पहुंच गई है। संक्रमण के कारण कांगो में 42 और युगांडा में एक व्यक्ति की मौत की पुष्टि हो चुकी है।
भारत ने बढ़ाया मदद का हाथ
इबोला संकट से जूझ रहे युगांडा की सहायता के लिए भारत ने मानवीय सहयोग जारी रखा है। भारत सरकार पहले ही 2.5 टन जीवनरक्षक दवाएं भेज चुकी है। इसके बाद सुरक्षात्मक उपकरणों, पीपीई किट, डायग्नोस्टिक सामग्री और निगरानी उपकरणों से लैस करीब 43 टन राहत सामग्री की दूसरी खेप भी युगांडा के लिए रवाना की गई है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि समय रहते पहचान, निगरानी और प्रभावी आइसोलेशन व्यवस्था ही इबोला जैसे घातक वायरस के प्रसार को रोकने का सबसे प्रभावी तरीका है।
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