पनपतिया कॉल और गुप्तखाल हिडन पास जैसे ट्रेक देशभर के रोमांच प्रेमियों को कर रहे आकर्षित, स्थानीय रोजगार को भी मिल रहा लाभ
Chamoli | June 14, 2026
चारधाम यात्रा के चरम पर पहुंचने के साथ ही चमोली जिले के उच्च हिमालयी ट्रैक रूटों पर भी रौनक बढ़ने लगी है। धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ साहसिक और आध्यात्मिक पर्यटन को नई गति मिली है। देशभर से ट्रैकर्स और पर्वतारोहण प्रेमी चमोली के दुर्गम एवं रोमांचक ट्रैक रूटों का रुख कर रहे हैं, जिससे स्थानीय पर्यटन गतिविधियों को भी बड़ा बढ़ावा मिल रहा है।
चमोली के प्रसिद्ध पनपतिया कॉल, सतोपंथ सरोवर, लॉर्ड कर्ज़न ट्रैक, द्रोणागिरी-बागनी ट्रैक और गुप्तखाल हिडन पास जैसे हाई एल्टीट्यूड ट्रैक इस सीजन में साहसिक पर्यटकों की पहली पसंद बने हुए हैं। विशेष रूप से देश के सबसे चुनौतीपूर्ण ट्रेकों में शामिल पनपतिया कॉल ट्रैक रोमांच प्रेमियों को आकर्षित कर रहा है।
हाल ही में पनपतिया कॉल ट्रैक पूरा कर जोशीमठ लौटे स्नो लाइन ट्रेकर्स के प्रभारी सोहन सिंह ने बताया कि पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र से आए ट्रैकर्स के दल ने इस सीजन का पहला पनपतिया कॉल ट्रैक सफलतापूर्वक पूरा किया। उन्होंने कहा कि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों, ग्लेशियर मार्गों और बदलते मौसम के कारण यह ट्रैक बेहद चुनौतीपूर्ण माना जाता है, लेकिन रोमांच की तलाश में आने वाले ट्रैकर्स के उत्साह में कोई कमी नहीं है।
वहीं वर्ष 1933 में ब्रिटिश पर्वतारोही फ्रैंक स्मिथ द्वारा खोजा गया गुप्तखाल हिडन पास ट्रैक भी तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। ज्योर्तिमठ क्षेत्र से जुड़े पर्यटन कारोबारियों के अनुसार इस ट्रैक के लिए लगातार बुकिंग मिल रही हैं। स्थानीय ट्रैकर कपिल नेगी ने बताया कि गुप्तखाल ट्रैक की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि ट्रैकर्स को एक ही यात्रा में दो उच्च हिमालयी दर्रों को पार करने का अनूठा अनुभव मिलता है। यही रोमांच इसे अन्य ट्रैक रूटों से अलग बनाता है।
पर्यटन विशेषज्ञों के अनुसार मई-जून और सितंबर-अक्टूबर का समय इन उच्च हिमालयी ट्रेकों के लिए सबसे अनुकूल माना जाता है। ट्रैकिंग गतिविधियों में बढ़ोतरी का सीधा लाभ स्थानीय गाइड, पोर्टर, होमस्टे संचालकों, घोड़ा-खच्चर व्यवसायियों और टूर ऑपरेटरों को मिल रहा है, जिससे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।
चारधाम यात्रा के समानांतर बढ़ रहा साहसिक पर्यटन चमोली को उत्तराखंड के प्रमुख एडवेंचर टूरिज्म हब के रूप में स्थापित कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि धार्मिक, आध्यात्मिक और साहसिक पर्यटन का यह संगम आने वाले वर्षों में क्षेत्र की पर्यटन संभावनाओं को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकता है।
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