रुद्रपुर से दबोचे गए आरोपी, अब तक सात आरोपी जा चुके हैं जेल; जांच में सामने आ रहे नए नाम
Rudrapur, 12 June 2026: उत्तराखंड एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) ने फर्जी शस्त्र लाइसेंस और अवैध हथियारों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए रुद्रपुर से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से तीन अवैध हथियार, आठ कारतूस और दो फर्जी शस्त्र लाइसेंस बरामद किए गए हैं। इस मामले में अब तक सात आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के ‘अपराध मुक्त उत्तराखंड’ अभियान और डीजीपी दीपम सेठ के निर्देशन में चल रही कार्रवाई के तहत एसटीएफ पूरे प्रदेश में बाहरी राज्यों से स्थानांतरित होकर आए शस्त्र लाइसेंसों की वैधता और सत्यता की जांच कर रही है। इसी दौरान कई संदिग्ध लाइसेंस सामने आने पर 4 जून को काशीपुर कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया था।
जांच के दौरान 10 जून को एसटीएफ और ऊधम सिंह नगर पुलिस की संयुक्त टीम ने काशीपुर क्षेत्र में एक स्विफ्ट कार से चार अवैध हथियार और 237 कारतूस बरामद किए थे। जांच में बरामद हथियारों, कारतूसों और फर्जी लाइसेंसों का संबंध काशीपुर निवासी सौरभ अग्रवाल, गौरव अग्रवाल और दीप्ति अग्रवाल से सामने आया। घटना के बाद मुख्य आरोपी सौरभ अग्रवाल फरार चल रहा था।
एसटीएफ के अनुसार 11 जून की देर रात गोपनीय सूचना के आधार पर रुद्रपुर रोडवेज के पास से फरार आरोपी सौरभ अग्रवाल और उसके चालक अमित पाल को गिरफ्तार किया गया। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से एक 12 बोर पंप एक्शन गन, एक .30 बोर सेमी ऑटोमैटिक पिस्टल, एक .32 बोर ऑटोमैटिक पिस्टल, आठ कारतूस और दो फर्जी शस्त्र लाइसेंस बरामद किए गए।
पूछताछ में यह भी सामने आया कि 10 जून को काशीपुर से बरामद स्विफ्ट कार को आरोपी अमित पाल ने साक्ष्य छिपाने और जांच को प्रभावित करने के उद्देश्य से एक पार्किंग स्थल में खड़ा कर दिया था। एसटीएफ ने कार की चाबी भी बरामद कर ली है।
एसएसपी एसटीएफ ने बताया कि जांच के दौरान कुछ अन्य संदिग्ध व्यक्तियों के नाम भी सामने आए हैं, जिनकी भूमिका की जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि फर्जी शस्त्र लाइसेंस प्रकरण में अब तक राज्य के विभिन्न जिलों में तीन मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं। जांच के दौरान 12 अवैध हथियार, 315 कारतूस और कई फर्जी शस्त्र लाइसेंस बरामद किए जा चुके हैं।
एसटीएफ ने कहा कि फर्जी शस्त्र लाइसेंस राष्ट्रीय सुरक्षा, सार्वजनिक शांति और कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा हैं। ऐसे मामलों में उत्तराखंड पुलिस जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत लगातार कार्रवाई कर रही है। साथ ही प्रदेशभर में शस्त्र लाइसेंस सत्यापन अभियान भी जारी है।
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