थानो के रामनगर डांडा में विवादित भूमि प्रकरण को लेकर लक्ष्मण सिंह ने फिर ली न्यायालय की शरण

थानो भूमि विवाद: लक्ष्मण सिंह ने फिर खटखटाया कोर्ट का दरवाजा

थानो भूमि विवाद मामले में परिवार का दावा- 1952 से भूमि पर कब्जा, 2013 में कथित अनियमित तरीके से किया गया विक्रय

Dehradun | June 18, 2026

थानो क्षेत्र के रामनगर डांडा में स्थित विवादित भूमि को लेकर एक बार फिर मामला चर्चा में आ गया है। गुरुवार को उत्तरांचल प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता में स्थानीय निवासी लक्ष्मण सिंह और उनके परिवार ने अपनी पैतृक भूमि से जुड़े लंबे समय से चले आ रहे विवाद को सार्वजनिक करते हुए न्याय की मांग उठाई।

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प्रेस वार्ता के दौरान लक्ष्मण सिंह ने बताया कि उनके पूर्वजों के कब्जे वाली फार्मिंग सोसायटी की भूमि पर उनका परिवार वर्ष 1952 से लगातार खेती-बाड़ी करता आ रहा है और दशकों से उक्त भूमि पर उनका वास्तविक कब्जा रहा है। उनका आरोप है कि वर्ष 2013 में कथित रूप से अनियमित और फर्जी तरीके से इस भूमि का विक्रय संजीव गुप्ता के पक्ष में कर दिया गया।

लक्ष्मण सिंह का कहना है कि जिस समय भूमि का विक्रय हुआ, उस समय भी उनका परिवार भूमि पर काबिज था और कब्जे तथा स्वामित्व से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों को नजरअंदाज किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि भूमि के वास्तविक स्थिति और पारिवारिक अधिकारों की अनदेखी कर यह प्रक्रिया पूरी की गई।

उन्होंने बताया कि इस मामले में उनके पिता स्वर्गीय संतराम ने वर्ष 2017 में न्यायालय में वाद दायर किया था। हालांकि मुकदमे की सुनवाई के दौरान उनके पिता का निधन हो गया, जिसके चलते मामला प्रभावी रूप से आगे नहीं बढ़ सका।

लक्ष्मण सिंह ने कहा कि अब वर्ष 2026 में उन्होंने स्वयं न्यायालय की शरण ली है और अपने अधिकारों की रक्षा के लिए नया वाद दायर किया है। उन्होंने राजस्व अभिलेखों, कब्जे से जुड़े साक्ष्यों और अन्य दस्तावेजों के आधार पर मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

उनका कहना है कि उनका परिवार पिछले सात दशकों से अधिक समय से भूमि पर काबिज है और उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। उन्होंने प्रशासन से भी अपील की कि न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने तक विवादित भूमि की यथास्थिति बनाए रखी जाए तथा किसी भी प्रकार के निर्माण कार्य या अतिक्रमण पर रोक लगाई जाए।

प्रेस वार्ता में परिवार ने उम्मीद जताई कि न्यायालय में प्रस्तुत तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर उन्हें न्याय मिलेगा और लंबे समय से चले आ रहे भूमि विवाद का समाधान हो सकेगा।

(नोट: यह पक्षकार द्वारा प्रेस वार्ता में रखे गए दावों पर आधारित जानकारी है। मामले का अंतिम निर्णय न्यायालय एवं संबंधित प्राधिकरणों की जांच के अधीन है।)

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The India Vox

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Ravi Priyanshu

Ravi Priyanshu is a journalist, novelist, and Founder & Editor-in-Chief of The India Vox. With 23+ years of experience, he is dedicated to credible journalism and meaningful storytelling.

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