दून पुस्तकालय में ‘इकोज ऑफ माई हार्ट’ पर साहित्यिक परिचर्चा, लेखिका हरजीत लाली की कृति को मिली सराहना
Dehradun, 09 June 2026: दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र में मंगलवार सायंकाल सुप्रसिद्ध लेखिका हरजीत लाली की नवीन कृति इकोज ऑफ माई हार्ट पर एक विशेष साहित्यिक परिचर्चा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में साहित्य, संस्कृति और शिक्षा जगत से जुड़े अनेक लेखक, साहित्यकार, शिक्षाविद् एवं प्रबुद्धजन शामिल हुए।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ. संजीव चोपड़ा ने कहा कि इकोज ऑफ माई हार्ट केवल प्रेम कविताओं का संग्रह नहीं, बल्कि मानवीय संवेदनाओं, स्मृतियों और आत्मिक अनुभवों की गहन यात्रा है। उन्होंने कहा कि पुस्तक में प्रेम, विरह, प्रतीक्षा, समर्पण और आध्यात्मिक अनुभूतियों को प्रभावशाली ढंग से अभिव्यक्त किया गया है।
विशिष्ट अतिथि करण सिन्हा ने कहा कि हरजीत लाली का लेखन भावनात्मक सच्चाई और आत्मीयता से परिपूर्ण है। उनकी रचनाओं में जीवन के विविध अनुभवों और मानवीय संबंधों की गहराई सहज रूप से दिखाई देती है।
कार्यक्रम की चर्चाकार रत्ना मूनचा ने पुस्तक की विस्तृत समीक्षा प्रस्तुत करते हुए कहा कि यह कृति प्रेम, स्मृति, प्रतीक्षा और मानवीय संबंधों के अनेक रंगों को समेटे हुए है। उन्होंने पुस्तक में संकलित कविताओं और लघुकथाओं की संवेदनात्मक गहराई तथा स्त्री-अनुभवों की अभिव्यक्ति को विशेष रूप से उल्लेखनीय बताया।
अपने संबोधन में हरजीत लाली ने कहा कि इकोज ऑफ माई हार्ट उनकी दीर्घ रचनात्मक यात्रा का परिणाम है। पुस्तक में संकलित कविताएँ और लघुकथाएँ प्रेम, मिलन, बिछोह, स्मृतियों, आध्यात्मिकता और जीवन के सूक्ष्म भावों को अभिव्यक्त करती हैं। उन्होंने इसे उन भावनाओं का दस्तावेज बताया जो समय के साथ समाप्त नहीं होतीं, बल्कि नए रूपों में जीवित रहती हैं।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित साहित्यकारों और प्रबुद्धजनों ने पुस्तक पर अपने विचार रखे तथा लेखिका को उनकी नवीन कृति के लिए शुभकामनाएं दीं। दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम साहित्य, संवेदना और सृजनशीलता के उत्सव के रूप में यादगार रहा।
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