11 हजार युवाओं को मिलेगी मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग, CM धामी ने शुरू की मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना
देहरादून | 08 सितंबर, 2026
उत्तराखंड के युवाओं के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ी पहल की है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में ‘मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना’ का शुभारंभ किया। योजना के पहले चरण में प्रदेश के 11 हजार छात्र-छात्राओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराई जाएगी।
योजना का लाभ प्रदेश के राजकीय एवं शासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों तथा राज्य विश्वविद्यालयों में अध्ययनरत पात्र छात्र-छात्राओं को मिलेगा। सरकार का कहना है कि इसका विशेष लाभ पर्वतीय और दूरस्थ क्षेत्रों के उन युवाओं को मिलेगा, जो आर्थिक या संसाधनों की कमी के कारण बेहतर कोचिंग संस्थानों तक नहीं पहुंच पाते।
आर्थिक तंगी अब सपनों की राह में बाधा नहीं बनेगी: CM
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए मेहनत के साथ सही दिशा, बेहतर रणनीति, अच्छे शिक्षकों का मार्गदर्शन और नियमित अभ्यास जरूरी है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि संसाधनों और अवसरों की कमी किसी भी प्रतिभाशाली युवा के सपनों की राह में बाधा न बने।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की सबसे बड़ी ताकत उसकी युवा शक्ति है। सरकार युवाओं को बेहतर अवसर और संसाधन उपलब्ध कराने के साथ उन्हें रोजगार देने वाला बनाने की दिशा में भी काम कर रही है। इसके लिए स्वरोजगार, स्टार्टअप, कौशल विकास, उद्यमिता और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
5 साल में 34 हजार से ज्यादा युवाओं को सरकारी नौकरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए राज्य में देश का सबसे कठोर नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। उनके अनुसार, पिछले 5 वर्षों में 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां मिली हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल युवाओं को सरकारी नौकरी उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाना भी है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में रिवर्स पलायन का जिक्र करते हुए कहा कि कई युवा गांवों में लौटकर व्यवसाय, कृषि-बागवानी, होमस्टे और स्थानीय उत्पादों से जुड़े उद्यम शुरू कर रहे हैं।
युवाओं की भागीदारी से बनेगी विकास की दिशा
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार युवाओं को प्रदेश के भविष्य की दिशा तय करने में भी सक्रिय भागीदार बना रही है। इसी क्रम में प्रदेश के ढाई लाख से अधिक युवा विद्यार्थियों से विचार और सुझाव लिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं की आशाओं, आकांक्षाओं और रोजगार से जुड़े विषयों पर काम करने के लिए राज्य में अलग ‘युवा आयोग’ बनाया जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने छात्र-छात्राओं से सीधे संवाद भी किया और उनकी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारियों, भविष्य के लक्ष्यों और आकांक्षाओं के बारे में जानकारी ली।
उच्च शिक्षा मंत्री बोले- दूरस्थ क्षेत्रों के युवाओं को मिलेगा फायदा
उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने योजना को प्रदेश के युवाओं के लिए महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने कहा कि योजना के जरिए विशेष रूप से पर्वतीय और दूरस्थ क्षेत्रों के छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण कोचिंग और मार्गदर्शन उपलब्ध होगा।
उन्होंने बताया कि उच्च शिक्षा विभाग यह सुनिश्चित करेगा कि अधिक से अधिक पात्र विद्यार्थी योजना से जुड़कर इसका लाभ उठा सकें। मंत्री ने यह भी कहा कि इस वर्ष से छात्रसंघ चुनाव में छात्राओं के लिए 50 प्रतिशत पद आरक्षित किए जाएंगे। वहीं ई-ग्रंथालय के माध्यम से विद्यार्थियों को करीब 20 लाख पुस्तकों तक डिजिटल पहुंच उपलब्ध कराई गई है।
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने कोचिंग संस्थानों से विद्यार्थियों की तैयारी पर विशेष ध्यान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए अनुशासन, निरंतर अभ्यास और दृढ़ संकल्प जरूरी है।








