स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 में देहरादून की बड़ी छलांग, देशभर में 12वें स्थान पर पहुंची राजधानी

Clean Air Survey 2026: देहरादून देश में 12वें स्थान पर, 37वें से बड़ी छलांग

तीन साल में 37वें से 12वें पायदान तक पहुंचा देहरादून, धूल नियंत्रण, मैकेनिकल स्वीपिंग, वाहन उत्सर्जन की निगरानी और जनभागीदारी से सुधरी वायु गुणवत्ता

देहरादून | 08 सितंबर, 2026

स्वच्छ और स्वस्थ उत्तराखंड की दिशा में देहरादून ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 (Clean Air Survey 2026) में 3 से 10 लाख की आबादी वाले शहरों की श्रेणी में देहरादून ने देशभर में 12वां स्थान हासिल किया है। राजधानी ने पिछले तीन वर्षों में अपनी रैंकिंग में लगातार सुधार दर्ज करते हुए 37वें स्थान से 12वें स्थान तक का सफर तय किया है।

वर्ष 2024 में देहरादून इस श्रेणी में 41वें स्थान पर था। वर्ष 2025 में शहर ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए 19वां स्थान हासिल किया और अब 2026 में 12वें स्थान पर पहुंच गया है। यह सुधार वायु प्रदूषण नियंत्रण, धूल प्रबंधन, सड़क सफाई, वाहनों के उत्सर्जन की निगरानी, स्वच्छ परिवहन और जनजागरूकता जैसे प्रयासों का परिणाम बताया गया है।

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धूल नियंत्रण और मैकेनिकल स्वीपिंग पर जोर

देहरादून में वायु गुणवत्ता सुधार के लिए नगर निगम और संबंधित विभागों ने कई स्तरों पर काम किया। संवेदनशील और सघन क्षेत्रों में धूल एवं प्रदूषक कणों को नियंत्रित करने के लिए ड्रोन के जरिए जल छिड़काव किया गया। वहीं प्रमुख मार्गों और सड़क किनारे जमा धूल को कम करने के लिए मैकेनिकल स्वीपिंग मशीनों का नियमित संचालन किया गया।

इन उपायों का उद्देश्य सड़क की धूल से हवा में बढ़ने वाले प्रदूषक कणों को नियंत्रित करना और शहर की वायु गुणवत्ता में सुधार लाना रहा।

खुले में कूड़ा जलाने पर जागरूकता अभियान

वायु प्रदूषण के प्रमुख कारणों में खुले में कूड़ा और पराली जलाना भी शामिल है। इसे देखते हुए शहर में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाए गए। नागरिकों को खुले में कचरा जलाने से होने वाले पर्यावरणीय और स्वास्थ्य संबंधी नुकसान के प्रति जागरूक किया गया।

प्रशासन और स्थानीय निकायों की ओर से लोगों से कूड़ा प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की अपील भी की गई।

वाहनों के प्रदूषण पर भी निगरानी

शहर में वाहनों से होने वाले उत्सर्जन को नियंत्रित करने के लिए पीयूसी (Pollution Under Control) प्रमाण-पत्रों की जांच पर भी जोर दिया गया। निर्धारित मानकों से अधिक प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर निगरानी बढ़ाई गई।

इसके साथ ही स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को प्रोत्साहित किया जा रहा है। शहर में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को भी विस्तार दिया जा रहा है।

लगातार मॉनिटरिंग से मिली मदद

वायु गुणवत्ता सुधार के लिए अलग-अलग विभागों और स्थानीय निकायों के बीच समन्वय के साथ वायु गुणवत्ता की सतत निगरानी पर भी जोर दिया गया। मॉनिटरिंग से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं।

सरकार का कहना है कि वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए केवल एक विभाग की कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। इसके लिए प्रशासन, स्थानीय निकायों, संबंधित विभागों और आम नागरिकों की सामूहिक भागीदारी जरूरी है।

ऋषिकेश और काशीपुर में भी सुधार

देहरादून के साथ उत्तराखंड के अन्य शहरों ने भी वायु गुणवत्ता सुधार की दिशा में सकारात्मक प्रदर्शन किया है। ऋषिकेश और काशीपुर में भी पिछले वर्षों की तुलना में सुधार दर्ज किए जाने की बात कही गई है। राज्य सरकार का लक्ष्य प्रदेश के अन्य शहरों में भी स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप प्रभावी कार्ययोजनाएं लागू करना है।

सीएम धामी ने दी बधाई

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 में देहरादून के प्रदर्शन पर देहरादूनवासियों, नगर निगम, उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और संबंधित विभागों को बधाई दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून का 37वें से 12वें स्थान पर पहुंचना पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने इस उपलब्धि को जनता की सक्रिय भागीदारी, नगर निगम के कार्यों और उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की सतत निगरानी का सम्मिलित परिणाम बताया।

सीएम धामी के मुताबिक, सरकार विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी प्राथमिकता दे रही है। स्वच्छ वायु केवल पर्यावरण का मुद्दा नहीं, बल्कि नागरिकों के स्वस्थ जीवन और बेहतर भविष्य से जुड़ा विषय है।

देहरादून की यह रैंकिंग राजधानी में वायु प्रदूषण नियंत्रण को लेकर किए जा रहे प्रयासों के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। हालांकि, शहर को आने वाले वर्षों में इस प्रदर्शन को बनाए रखने और और बेहतर करने की चुनौती भी रहेगी।

The India Vox

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Ravi Priyanshu

Ravi Priyanshu is a journalist, novelist, and Founder & Editor-in-Chief of The India Vox. With 23+ years of experience, he is dedicated to credible journalism and meaningful storytelling.

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