उत्तराखंड आपदा के बाद चारधाम यात्रा धीरे-धीरे पटरी पर, शुरू हुई गंगोत्री यात्रा
Uttarkashi, 10 September: उत्तराखंड में मानसून की तबाही के बाद रुकी चारधाम यात्रा फिर से रफ्तार पकड़ने लगी है। एक माह से बंद गंगोत्री धाम के कपाट अब श्रद्धालुओं के लिए खुल गए हैं, जिससे तीर्थयात्रियों के चेहरे खिल उठे। हालांकि, यमुनोत्री धाम के दर्शन के लिए भक्तों को अभी कुछ और दिन इंतजार करना होगा। जिला प्रशासन का कहना है कि 12 सितंबर के बाद ही वहां की यात्रा शुरू करने पर निर्णय लिया जाएगा।
सीमित संख्या में गंगोत्री जाने की अनुमति
उत्तरकाशी के जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने बताया कि गंगोत्री धाम की यात्रा को मौसम और सड़क की स्थिति देखते हुए सीमित संख्या में ही तीर्थयात्रियों को अनुमति दी जा रही है। गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर धरासू, नालूपानी, हेलगुगाड़ और डबरानी जैसे कई संवेदनशील स्थान हैं, जहां भूस्खलन का खतरा लगातार बना हुआ है। सड़क को सुरक्षित रखने के लिए पर्याप्त मशीनरी और टीमें तैनात की गई हैं।
यमुनोत्री यात्रा पर अपडेट
जिलाधिकारी ने बताया कि यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर जंगलचट्टी, बनास और फूलचट्टी के पास भारी नुकसान हुआ था। जंगलचट्टी में करीब 150 मीटर और बनास में 40 मीटर सड़क पूरी तरह से बह गई थी। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) 12 सितंबर तक मार्ग को दुरुस्त करने का प्रयास कर रहा है। इसके बाद ही यमुनोत्री यात्रा की अनुमति दी जाएगी।
PM मोदी करेंगे उत्तराखंड दौरा: 11 सितंबर को आपदा प्रभावित क्षेत्र का लेंगे जायज़ा
सुरक्षा को लेकर सख्ती
उन्होंने कहा कि सभी श्रद्धालु यात्रा शुरू करने से पहले जिला प्रशासन द्वारा जारी SOP का पालन करें। 5 अगस्त तक गंगोत्री धाम में 6,68,365 और यमुनोत्री धाम में 5,85,237 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। सुरक्षा के मद्देनजर फिलहाल सीमित संख्या में यात्रियों को ही आगे बढ़ने दिया जाएगा।

