₹7.30 करोड़ की कथित धोखाधड़ी से हड़कंप, 19 प्लॉटों की रजिस्ट्री नहीं होने का आरोप

₹7.30 करोड़, 19 प्लॉट और रजिस्ट्री का विवाद! Imperial Valley Dehradun पर गंभीर आरोप

थानों स्थित Imperial Valley Dehradun प्रोजेक्ट में कारोबारी परिवार ने 19 प्लॉटों के लिए करीब ₹7.30 करोड़ भुगतान का दावा किया, रजिस्ट्री नहीं होने और कुछ प्लॉट दूसरे खरीदारों को बेचने का आरोप

देहरादून | 30 सितंबर, 2026

थानों क्षेत्र स्थित रियल एस्टेट प्रोजेक्ट ‘इम्पीरियल वैली’ में करीब ₹7.30 करोड़ की कथित धोखाधड़ी का ऐसा गंभीर मामला सामने आया है, जिसने एक कारोबारी परिवार और उनके रिश्तेदारों की जीवनभर की कमाई को ठगी की भेंट चढ़ा दिया है। हालत यह है कि उक्त कारोबारी को अब अपने परिचितों के सम्मुख खड़े होने पर भी शर्मिंदगी महसूस हो रही है।

कारोबारी प्रियदर्शी अशोक और उनके परिजनों का आरोप है कि प्रोजेक्ट से जुड़े विकास ठाकुर, रश्मि गोसाईं और नीरज गोसाईं ने लाखों रुपये लेने के बाद न केवल प्लॉटों की रजिस्ट्री नहीं की, बल्कि उन्हीं प्लॉटों को दूसरे लोगों को बेचकर उन्हें कहीं का नहीं छोड़ा।

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सूत्रों के अनुसार, वरिष्ठ अधिकारियों से संबंधों के कारण नीरज गोसाईं अब प्रियदर्शी अशोक की FIR भी दर्ज नहीं होने दे रहा है। इस ठगी के गंभीर प्रकरण में शोभित मंगल की भूमिका की भी जांच किया जाना आवश्यक है। ऐसा प्रतीत होता है कि इस कांड में सफेदपोश नेताओं की संलिप्तता भी हो सकती है। आखिर ऐसे कैसे इतने बड़े भूभाग को कई लोगों को बेच दिया गया? यह अपने आप में बड़ा सवाल है।

वहीं, शाश्वत गर्ग के फरार होने के बाद जमीनों की रजिस्ट्री करवाई गईं। ऐसे में यह सवाल भी उठना लाजमी है कि क्या गर्ग को फरार करने में कोई मास्टरमाइंड काम कर रहा था? और ठगी के इस गंभीर प्रकरण में इन सभी की मिलीभगत थी? क्या इन भोले-भाले ग्राहकों के साथ धोखाधड़ी की योजना ये पार्टनर पूर्व में ही बना चुके थे?

बता दें कि शिकायत के अनुसार, वर्ष 2024 में विकास ठाकुर, शाश्वत, नीरज गोसाईं और रश्मि गोसाईं ने कारोबारी प्रियदर्शी अशोक से संपर्क किया था। उन्हें बताया गया कि यदि वह अपने परिवार और रिश्तेदारों के साथ बड़ी संख्या में प्लॉट खरीदते हैं, तो उन्हें “प्राइमरी इन्वेस्टर” के रूप में विशेष रियायती दर पर प्लॉट उपलब्ध कराए जाएंगे।

इन आश्वासनों पर भरोसा करते हुए प्रियदर्शी अशोक और उनके परिवार के सदस्यों ने मिलकर 19 प्लॉट खरीदने पर सहमति जताई। आरोप है कि इन प्लॉटों की पूरी बिक्री राशि, लगभग ₹7.30 करोड़, विक्रेता पक्ष द्वारा बताए गए बैंक खातों में जमा कर दी गई।

शिकायतकर्ताओं का कहना है कि रकम प्राप्त करने के बाद विकास ठाकुर और रश्मि गोसाईं ने उन्हें भरोसा दिलाया कि जल्द ही सभी प्लॉटों की रजिस्ट्री उनके पक्ष में कर दी जाएगी। इसके बावजूद लगातार संपर्क और बार-बार अनुरोध करने के बाद भी रजिस्ट्रियां नहीं की गईं।

आरोप है कि जब प्रियदर्शी अशोक ने रजिस्ट्री में हो रही देरी को लेकर दबाव बनाना शुरू किया, तो विकास ठाकुर और रश्मि गोसाईं ने कथित रूप से जिम्मेदारी अपने ही पार्टनर शाश्वत पर डालनी शुरू कर दी।

मामले ने तब गंभीर मोड़ लिया, जब प्रियदर्शी अशोक और उनके परिजनों को कथित तौर पर पता चला कि जिन प्लॉटों के लिए उनके पक्ष में एग्रीमेंट टू सेल किया गया था और जिनकी पूरी कीमत वे पहले ही चुका चुके थे, उन्हीं प्लॉटों को बाद में कुछ अन्य लोगों को बेच दिया गया।

इसके बाद प्रियदर्शी अशोक और उनके परिजनों ने 25 जुलाई 2026 को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP), देहरादून कार्यालय में लिखित शिकायत दी और मामले में आपराधिक कार्रवाई की मांग की।

साथ ही उन्होंने उत्तराखंड RERA का भी रुख किया। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, मामले की सुनवाई के बाद 16 सितंबर 2026 को RERA ने एक आदेश पारित किया, जिसके तहत ‘इम्पीरियल वैली’ प्रोजेक्ट में विकास ठाकुर और रश्मि गोसाईं द्वारा किसी भी प्लॉट की आगे की बिक्री अथवा खरीद-फरोख्त पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं।

शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि पूरी रकम का भुगतान कर देने और बिक्री समझौते होने के बावजूद उन्हें न तो उनके प्लॉटों की रजिस्ट्री मिली और न ही उनकी करोड़ों रुपये की राशि वापस की गई। उनका कहना है कि वे लगातार पुलिस अधिकारियों से संपर्क कर रहे हैं, ताकि मामले में संबंधित आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू की जा सके।

प्रियदर्शी अशोक और उनके परिजनों का कहना है कि लगभग ₹7.30 करोड़ की रकम लेने के बाद उन्हीं प्लॉटों को कथित रूप से दूसरे खरीदारों को बेच दिया जाना एक गंभीर मामला है और इसकी निष्पक्ष आपराधिक जांच आवश्यक है।

फिलहाल मामले में पुलिस कार्रवाई और आगे की कानूनी प्रक्रिया पर सभी की नजरें बनी हुई हैं।

 

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The India Vox

The India Vox Editorial Team उत्तराखंड, राष्ट्रीय, शिक्षा, रोजगार, पर्यटन, स्वास्थ्य और जनहित से जुड़े विषयों पर तथ्यात्मक एवं निष्पक्ष समाचार प्रकाशित करता है। हमारी संपादकीय टीम विश्वसनीय स्रोतों और आधिकारिक सूचनाओं के आधार पर पाठकों तक सटीक जानकारी पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

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Chief Editor

Ravi Priyanshu

Ravi Priyanshu is a journalist, novelist, and Founder & Editor-in-Chief of The India Vox. With 23+ years of experience, he is dedicated to credible journalism and meaningful storytelling.

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