भरण-पोषण से लेकर संपत्ति की सुरक्षा तक—देहरादून में वरिष्ठ नागरिकों को बताए गए उनके कानूनी अधिकार।
देहरादून 02 | अक्टूबर, 2026
अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर बुधवार, 1 अक्टूबर को गढ़ी कैंट स्थित स्वाभिमान केंद्र में वरिष्ठ नागरिकों के लिए विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों को उनके कानूनी अधिकारों, भरण-पोषण, संपत्ति की सुरक्षा और निःशुल्क विधिक सहायता से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराना रहा।
उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून के निर्देशों के तहत आयोजित कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव श्रीमती सीमा डुंगराकोटी ने वरिष्ठ नागरिकों को उनके अधिकारों और कानून में उपलब्ध संरक्षण के बारे में सरल भाषा में जानकारी दी। कार्यक्रम में करीब 55 वरिष्ठ नागरिकों सहित अन्य प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
भरण-पोषण और संपत्ति के अधिकारों की दी जानकारी
कार्यक्रम के दौरान माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण तथा कल्याण अधिनियम, 2007 के प्रमुख प्रावधानों पर चर्चा की गई। वरिष्ठ नागरिकों को भरण-पोषण के अधिकार, संपत्ति की सुरक्षा और अपने अधिकारों के संरक्षण के लिए उपलब्ध कानूनी उपायों के बारे में बताया गया।
श्रीमती सीमा डुंगराकोटी ने बताया कि आर्थिक या अन्य किसी कारण से कोई व्यक्ति न्याय से वंचित न रहे, इसके लिए विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से पात्र लोगों को निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाती है। इस दौरान नालसा हेल्पलाइन नंबर 15100 की जानकारी भी वरिष्ठ नागरिकों को दी गई।
नालसा योजना के तहत जुटाई जा रही जानकारी
कार्यक्रम में बताया गया कि नालसा (वरिष्ठ नागरिकों हेतु विधिक सेवा) योजना, 2016 को जमीनी स्तर पर प्रभावी बनाने के लिए वरिष्ठ नागरिकों से जुड़े विभिन्न मामलों की जानकारी जुटाई जा रही है। इसमें जिले में संचालित वृद्धाश्रमों, विधिक सेवा संस्थानों में प्राप्त वरिष्ठ नागरिकों से संबंधित मामलों, अधिकरणों की स्थिति और वरिष्ठ नागरिकों को कानूनी सहायता देने वाले पैनल अधिवक्ताओं तथा पैरा लीगल वॉलंटियर्स की जानकारी शामिल है।
वरिष्ठ नागरिकों तक विधिक सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए DLSA और TLSC की ओर से लगातार जागरूकता शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इसके अलावा पंपलेट एवं अन्य जागरूकता सामग्री का वितरण, स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन और वृद्धाश्रमों तथा RWA के साथ समन्वय जैसी गतिविधियां भी की जा रही हैं।
पुलिस से जुड़ी समस्या का मौके पर समाधान
कार्यक्रम के दौरान श्री अजय कुमार बड़ौनी ने माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण तथा कल्याण अधिनियम, 2007 और उत्तराखंड सरकार द्वारा बनाए गए वर्ष 2011 के नियमों के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
वहीं, प्राविधिक कार्यकर्ता उमेश्वर सिंह रावत ने राजेंद्र नगर, देहरादून निवासी वरिष्ठ नागरिक श्रीमती कमल अरोड़ा की पुलिस से संबंधित समस्या को लेकर थाना अध्यक्ष, कोतवाली कैंट से वार्ता की। इसके बाद उनकी समस्या के समाधान की दिशा में कार्रवाई की गई।
वरिष्ठ नागरिकों को बांटी गई उपयोगी सामग्री
कार्यक्रम के अंत में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव श्रीमती सीमा डुंगराकोटी ने वरिष्ठ नागरिकों को उनकी आवश्यकता के अनुसार वॉकर, स्टिक, कमर की बेल्ट और फर्स्ट एड किट सहित अन्य सामग्री वितरित की।
सामग्री मिलने पर उपस्थित वरिष्ठ नागरिकों ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का आभार जताया। कार्यक्रम के माध्यम से वरिष्ठ नागरिकों को यह संदेश दिया गया कि कानून द्वारा दिए गए उनके अधिकारों की रक्षा और उन्हें सुलभ न्याय उपलब्ध कराना विधिक सेवा संस्थाओं की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
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