‘रिसर्च, इनोवेशन एंड इनक्यूबेशन’ प्रदर्शनी में दिखी उच्च शिक्षा की नई दिशा
‘हायर एजुकेशन विज़न–2050’ दस्तावेज़ हुआ लांच
Dehradun, 04 November: उत्तराखंड की रजत जयंती वर्ष के अवसर पर मंगलवार को यूपीईएस, बिधोली परिसर में ज्ञान, शोध और नवाचार पर केंद्रित ‘रिसर्च, इनोवेशन एंड इनक्यूबेशन’ प्रदर्शनी का भव्य आयोजन किया गया। इस प्रदर्शनी ने न केवल राज्य की उच्च शिक्षा में पिछले 25 वर्षों की उपलब्धियों को रेखांकित किया, बल्कि आने वाले समय के लिए एक स्पष्ट और प्रगतिशील रोडमैप भी प्रस्तुत किया।
राज्य सरकार की पहल ‘उच्च शिक्षा की विकास यात्रा — ज्ञान, नवाचार व उत्कृष्टता के 25 वर्ष’ के तहत आयोजित इस प्रदर्शनी में राज्य, केंद्रीय और निजी विश्वविद्यालयों, तकनीकी संस्थानों एवं स्टार्टअप इनक्यूबेटर्स ने अपनी-अपनी परियोजनाएं प्रदर्शित कीं। विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं ने एआई, एआर/वीआर तकनीक, सतत विकास, ऊर्जा दक्षता और उद्यमिता से जुड़ी अपनी नवाचारी पहलें प्रस्तुत कीं।
कार्यक्रम का शुभारंभ उच्च शिक्षा उन्नयन समिति के उपाध्यक्ष डॉ. देवेंद्र भसीन और उच्च शिक्षा सचिव डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर ‘उत्तराखंड हायर एजुकेशन विज़न–2050’ दस्तावेज़ का लोकार्पण भी किया गया, जो अगले पच्चीस वर्षों में राज्य की उच्च शिक्षा के रूपांतरण की दिशा तय करेगा।
यूपीईएस के कुलपति डॉ. राम शर्मा ने कहा, “राज्य की रजत जयंती पर इस आयोजन की मेजबानी हमारे लिए गौरव की बात है। उत्तराखंड ने शोध, डिजिटलीकरण, सतत विकास और एप्लाइड इंजीनियरिंग के क्षेत्र में जो प्रगति की है, यह प्रदर्शनी उसी उपलब्धि का उत्सव है और भविष्य की संभावनाओं का संकेत भी।”
यह आयोजन 9 नवंबर को एफआरआई में प्रधानमंत्री की उपस्थिति में होने वाले मुख्य रजत जयंती समारोह का कर्टेन रेज़र भी रहा, जिसने उत्तराखंड की शैक्षणिक यात्रा की प्रेरणादायक झलक प्रस्तुत की।
Crime से जुड़ी अन्य खबरें: यहां पढ़ें
Technology से जुड़ी अन्य खबरें: यहां पढ़ें
Politics से जुड़ी अन्य खबरें: यहां पढ़ें
Education से जुड़ी अन्य खबरें: यहां पढ़ें

