Mental Fatigue in Gen Z अब सिर्फ एहसास नहीं, एक बड़ा सामाजिक संकेत बनता जा रहा है
सुबह उठते ही मोबाइल। रात सोने से पहले भी स्क्रीन। बीच में पढ़ाई, नौकरी, competition, social media, career pressure और लगातार comparison। आज की generation पहले से ज्यादा connected है, लेकिन शायद पहली बार इतनी mentally exhausted भी दिख रही है।
कॉलेज कैंपस से लेकर corporate offices तक एक common चीज़ साफ दिखाई देती है — कम उम्र में burnout। लोग काम शुरू होने से पहले ही थके हुए महसूस कर रहे हैं।
Focus टूट रहा है, sleep cycle खराब हो रही है और छोटी उम्र में anxiety, stress और emotional fatigue जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं।
Experts मानते हैं कि इसके पीछे सिर्फ workload नहीं, बल्कि “always active lifestyle” बड़ी वजह बन चुका है।
देर रात तक जागना अब Lifestyle बन चुका है
Gen Z की सबसे बड़ी समस्या सिर्फ कम सोना नहीं, बल्कि “दिमाग का लगातार active रहना” माना जा रहा है।
देर रात scrolling, reels, notifications और endless content consumption ने sleep routine को बुरी तरह प्रभावित किया है।
युवाओं का बड़ा हिस्सा देर रात तक online रहता है, जिससे body rest mode में जा ही नहीं पाती।
Mental health experts के मुताबिक लगातार screen exposure दिमाग को overstimulate करता है, जिससे नींद आने में दिक्कत, irritation और mental exhaustion बढ़ने लगती है।
Social Media ने Comparison को Everyday Habit बना दिया
पहले comparison आसपास के लोगों तक सीमित था। अब हर मिनट दुनिया भर के लोगों की “highlighted जिंदगी” स्क्रीन पर दिखाई देती है।
किसी की luxury trip, किसी की high salary, किसी का startup success, किसी की perfect body — लगातार दिखाई देने वाला यह digital showcase युवाओं में “मैं पीछे हूं” वाली भावना बढ़ा रहा है।
यही वजह है कि अच्छी पढ़ाई, नौकरी या stable life होने के बावजूद बड़ी संख्या में युवा खुद को unsuccessful महसूस करने लगे हैं।
Experts इसे “success anxiety” कहते हैं।
Career Pressure पहले से ज्यादा भारी हो चुका है
आज का युवा सिर्फ नौकरी नहीं चाहता। उसे financially secure, socially successful और digitally impressive भी दिखना है।
Competitive exams, layoffs, AI replacement fear, startup pressure और hustle culture ने लगातार uncertainty बढ़ाई है।
कम उम्र में “कुछ बड़ा करना है” वाली सोच अब motivation कम और pressure ज्यादा बनती जा रही है। यही कारण है कि 22-24 साल की उम्र में भी लोग खुद को “late” महसूस करने लगे हैं।
हर समय Online रहना भी थकान की वजह
इस generation के पास शायद इतिहास की सबसे ज्यादा information access है। लेकिन यही लगातार information overload अब मानसिक थकान पैदा कर रहा है।
Crime news, layoffs, wars, inflation, toxic debates, climate crisis — हर मिनट दिमाग पर नई information का दबाव पड़ता है।
Psychologists के अनुसार लगातार negative content consume करने से दिमाग alert mode में रहने लगता है, जिससे stress level बढ़ता है और emotional recovery कम हो जाती है।
“Identity Burnout” नई समस्या बनकर उभरी
Experts अब एक नए शब्द का इस्तेमाल कर रहे हैं — “Identity Burnout”.
यानी लोग अलग-अलग platforms पर अलग personality maintain करने की कोशिश में mentally exhausted हो रहे हैं।
- Instagram पर perfect दिखना
- LinkedIn पर successful दिखना
- Real life में emotionally stable दिखना
यह लगातार “perform” करने वाली lifestyle युवाओं को अंदर से थका रही है।
Sleep कम, Stimulation ज्यादा
Mental health specialist और क्लीनिकल साइक्लॉजिस्ट डॉ. मुकुल शर्मा मानते हैं कि मानते हैं कि असली समस्या सिर्फ mobile नहीं, बल्कि “continuous stimulation” है।
पहले इंसान के दिमाग को खाली समय मिल जाता था। अब हर free moment content consumption में बदल चुका है।
- खाना खाते समय video
- यात्रा के दौरान reels
- सोने से पहले scrolling
- उठते ही notifications
दिमाग लगातार active रहता है, जिससे mental recovery का समय कम हो जाता है।
क्या यह Generation कमजोर है?
Experts मानते हैं कि यह generation कमजोर नहीं, बल्कि सबसे ज्यादा mentally loaded generation है।
इसने बहुत कम उम्र में:
- intense competition,
- digital pressure,
- social comparison,
- career uncertainty,
- और emotional overload
एक साथ झेला है।
यही वजह है कि आज के युवा अक्सर physically नहीं, बल्कि mentally exhausted दिखाई देते हैं।
आखिर में…
आज की सबसे बड़ी समस्या शायद workload नहीं, बल्कि “हर समय available रहने का दबाव” बन चुकी है।
हर समय productive दिखना, update रहना, online रहना और खुद को साबित करना — यही लगातार चलती मानसिक दौड़ युवाओं को अंदर से थका रही है।
और शायद यही कारण है कि आज की generation बाहर से energetic दिखने के बावजूद भीतर से बेहद exhausted महसूस कर रही है।
Reference Sources:
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